लेबनान के पूर्व राष्ट्रपति Amin Gemayel ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि लेबनान और Israel एक बार फिर बातचीत की मेज पर आएं। यह खबर ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और दुनिया भर की सरकारें इस पर नजर रख रही हैं।

Israel के साथ बातचीत की जरूरत क्यों पड़ी

Amin Gemayel ने Associated Press को दिए इंटरव्यू में बताया कि लेबनान के राष्ट्रीय हित में यह जरूरी है कि Israel के साथ लंबे समय तक चलने वाला शांति समझौता किया जाए। उन्होंने कुछ मुख्य बातें बताईं:

  • Hezbollah की हालत: पिछले दो सालों में Israeli हमलों की वजह से Hezbollah कमजोर हो गई है।
  • सीरिया का बदलाव: सीरिया में Bashar Assad की सत्ता खत्म होने से हथियारों की सप्लाई रुक गई है।
  • पुराना अनुभव: Gemayel ने 1983 में भी एक समझौता किया था, हालांकि वह ज्यादा समय तक नहीं चला।
  • हथियारों पर रोक: वह Hezbollah के निशस्त्रीकरण के समर्थन में हैं।

बड़े नेताओं और देशों का क्या है कहना

इस बातचीत को लेकर दुनिया के कई बड़े देशों और अधिकारियों ने अपनी राय रखी है। लेबनान के मौजूदा राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा कि वह 1949 वाले समझौते जैसा कोई रास्ता चाहते हैं, न कि पूरी तरह से संबंधों को सामान्य करना। वहीं प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने भी सीधी बातचीत का समर्थन किया है।

अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने इसे एक ऐतिहासिक मौका बताया है। दूसरी ओर, Israel के वाशिंगटन राजदूत Yechiel Leiter ने कहा कि दोनों देश लेबनान को ईरान के प्रभाव और Hezbollah से मुक्त कराने के लिए साथ हैं। 29 अप्रैल 2026 को कई यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों ने भी कहा कि राजनीतिक बातचीत ही इस संघर्ष को खत्म करने का एकमात्र रास्ता है।

मौजूदा हालात और वाशिंगटन की बैठक

बता दें कि 15 अप्रैल 2026 को अमेरिका की मदद से वाशिंगटन में लेबनान और Israel के बीच पहली सीधी बैठक हुई थी। हालांकि, इस कोशिश के बीच जमीन पर हालात काफी खराब हैं। दक्षिण लेबनान में Israel की सेना का हमला जारी है और बेरूत के कई हिस्से अभी भी अप्रैल में हुई बमबारी के जख्मों से उबर रहे हैं। इसी वजह से वाशिंगटन में हुई चर्चाओं के खिलाफ कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Amin Gemayel ने Israel के साथ बातचीत की बात क्यों कही?

उनका मानना है कि Hezbollah के कमजोर होने और सीरिया में regime change होने के कारण अब शांति समझौते का सही समय है, जो लेबनान के हित में होगा।

लेबनान के वर्तमान राष्ट्रपति Joseph Aoun की क्या मांग है?

वह Israel के साथ पूरी तरह संबंध सामान्य नहीं करना चाहते, बल्कि 1949 के समझौते जैसा कोई इंतजाम चाहते हैं ताकि लोगों की तकलीफें खत्म हों।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com