Lebanon और Israel के बीच शुरू हुई बातचीत, UN ने किया स्वागत, Washington में अमेरिका ने कराई मीटिंग
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने Lebanon और Israel के बीच Washington में हुई बातचीत का स्वागत किया है। यह बैठक अमेरिका के सहयोग से आयोजित की गई थी, जिसे युद्ध रोकने की दिशा में एक अहम पहला कदम माना जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच चल रही दुश्मनी को खत्म करना और शांति स्थापित करना है।
Washington मीटिंग में क्या हुआ और इसका क्या असर होगा?
यह बैठक 14 अप्रैल 2026 को Washington D.C. में हुई, जिसकी मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने की। साल 1993 के बाद यह पहली बार था जब Israel और Lebanon की सरकारों के बीच इतने उच्च स्तर पर बातचीत हुई। चर्चा के बाद दोनों देश अब एक तय समय और जगह पर सीधी बातचीत करने के लिए सहमत हो गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे एक ऐतिहासिक अवसर बताया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्थायी समाधान में समय लगेगा।
दोनों देशों और UN का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
- Israel: इसराइल ने शांति के लिए सीधी बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन साथ ही लेबनान में मौजूद सभी गैर-राज्य आतंकी समूहों और उनके ढांचे को खत्म करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
- Lebanon: लेबनान ने अपनी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता पर जोर दिया है। लेबनानी राजदूत Nada Hamadeh Moawad ने बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन उन्होंने तुरंत युद्धविराम और विस्थापित लोगों की वापसी की मांग की है।
- United Nations: UN ने बातचीत का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही 8 अप्रैल को लेबनान में हुए बम धमाकों की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की अपील की है।
क्षेत्रीय तनाव और हालिया घटनाक्रम की स्थिति
इस बातचीत के बीच इलाके में तनाव अभी भी बना हुआ है। 8 अप्रैल 2026 को Israel ने Lebanon पर बड़े हमले किए थे, जिसकी 17 देशों ने कड़ी निंदा की। वहीं, Hezbollah इन सीधी वार्ताओं का विरोध कर रहा है और उसने उत्तरी इसराइल की ओर मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। ब्रिटेन और फ्रांस सहित कई देशों ने दोनों पक्षों से इस मौके का फायदा उठाकर क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।