लेबनान में इसराइल के हमलों ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें सैकड़ों आम लोग मारे गए हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) के राजदूतों ने शांति सैनिकों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है और दोषियों से जवाब मांगा है। हालात इतने खराब हैं कि अब UN के कर्मचारियों की जान को भी बड़ा खतरा महसूस हो रहा है।

लेबनान में क्या हुआ और कितने लोग प्रभावित हुए?

9 अप्रैल को इसराइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसमें कम से कम 203 लोगों की जान गई और 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह युद्ध की शुरुआत से अब तक का सबसे खौफनाक दिन था। UN महासचिव ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन होना चाहिए और तुरंत युद्ध रोका जाना चाहिए।

शांति सैनिकों पर हमलों को लेकर UN ने क्या कहा?

UN राजदूतों के एक समूह ने, जिसका नेतृत्व इंडोनेशिया के राजदूत उमर हादी कर रहे थे, शांति सैनिकों पर हुए हमलों की निंदा की। UN ने स्पष्ट किया कि शांति सैनिकों को कभी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। 7 अप्रैल को IDF ने एक UNIFIL शांति सैनिक को हिरासत में लिया था, जिसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया गया।

हाल की मुख्य घटनाएं और अपडेट्स

तारीख मुख्य घटना
30 मार्च 2026 दक्षिण लेबनान में धमाके से दो शांति सैनिकों की मौत हुई
31 मार्च 2026 शांति सैनिकों की मौत के बाद UN सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग हुई
7 अप्रैल 2026 IDF ने एक UNIFIL शांति सैनिक को हिरासत में लिया और फिर छोड़ा
8 अप्रैल 2026 UN प्रवक्ता ने इसराइल के हमलों और नागरिक हताहतों पर चिंता जताई
9 अप्रैल 2026 सबसे बड़ा हमला हुआ जिसमें 203 लोग मारे गए और UN ने कड़ी निंदा की