अमेरिका, लेबनान और इसराइल ने मिलकर एक बड़ा समझौता किया है। इस समझौते का मकसद लेबनान में चल रहे युद्ध को रोकना और क्षेत्र में शांति लाना है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि यह समझौता युद्ध खत्म करने का एक असली रास्ता है और यह शांति की तरफ पहला कदम है।

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यह समझौता 26 जून 2026 को वॉशिंगटन में कई दौर की बातचीत के बाद साइन किया गया। इस डील का मुख्य उद्देश्य लेबनान की संप्रभुता को वापस लाना, हिजबुल्लाह को निशस्त्र करना और उसके आतंकी ढांचे को खत्म करना है। जब इन शर्तों को पूरा कर लिया जाएगा, तब इसराइली सेना (IDF) धीरे-धीरे लेबनान की जमीन से बाहर निकलेगी।

अधिकारियों ने क्या कहा

  • Marco Rubio: उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया लेबनान की सत्ता वापस लाने और इसराइल को उसकी सीमाओं में सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।
  • Yechiel Leiter (इसराइली राजदूत): उन्होंने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया और कहा कि अब ईरान और हिजबुल्लाह बाहर हैं और शांति का रास्ता खुल गया है।
  • Nada Hamadeh Moawad (लेबनानी राजदूत): उन्होंने कहा कि यह लेबनान की जमीन को वापस पाने और युद्ध को स्थायी रूप से रोकने का पहला कदम है ताकि लोग अपने घरों को लौट सकें।
  • Benjamin Netanyahu: इसराइली पीएम ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया, लेकिन साथ ही कहा कि जब तक हिजबुल्लाह खतरा रहेगा, वे दक्षिण लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेंगे।
  • Joseph Aoun (लेबनान के राष्ट्रपति): उन्होंने ट्रंप प्रशासन का शुक्रिया अदा किया और इसे इसराइली सेना की वापसी की शुरुआत माना।

समझौते की खास बातें और फंड

इस समझौते को लागू करने के लिए अमेरिका की मदद से एक ‘मिलिट्री कोऑर्डिनेशन ग्रुप’ (MCG4L) बनाया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा और जांच के लिए एक अलग ‘Security Annex’ भी तैयार होगा। आर्थिक मदद के लिए अमेरिका ने ये ऐलान किए हैं:

  • संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर तुरंत 100 मिलियन डॉलर की मानवीय सहायता दी जाएगी।
  • लेबनानी सेना (LAF) को शांति बनाए रखने के लिए 30 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम दी जाएगी।

बता दें कि यह लड़ाई तब बढ़ी थी जब फरवरी के अंत में अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमला किया था, जिसके जवाब में हिजबुल्लाह ने इसराइल पर हमला बोल दिया। मार्च से अब तक इसराइली हमलों में लेबनान के 4,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और इसराइल ने लेबनान के कई इलाकों पर कब्जा बढ़ा लिया है।

हालांकि, हिजबुल्लाह इस समझौते का हिस्सा नहीं है और उसके एक अधिकारी ने इस डील के बाद गृहयुद्ध की चेतावनी दी है। हाल ही में इसराइली सेना ने लेबनान के मनसूरी शहर के लोगों को वहां से निकलने का आदेश दिया है।