लेबनान सरकार ने एक बड़ा बयान जारी किया है जिसमें बताया गया है कि इस्राइल के साथ चल रहे युद्ध के कारण 10 लाख से अधिक लोग अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। मार्च 2026 की शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इस्राइल के लगातार हो रहे हवाई हमलों की वजह से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ रहा है।

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कितने लोग हुए प्रभावित और कहाँ ले रहे शरण?

मार्च की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र और लेबनान सरकार के अनुसार लगभग 8 लाख लोगों के विस्थापित होने की खबर थी। अब ताजा रिपोर्ट में यह आंकड़ा 10 लाख को पार कर गया है। बड़ी संख्या में लोग अपना सब कुछ छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 लाख 20 हजार से ज्यादा लोग 580 सामूहिक शेल्टर में शरण लिए हुए हैं। बाकी लोग अपने रिश्तेदारों या अन्य स्थानों पर रह रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि लगभग 84 हजार सीरियाई नागरिक और 8 हजार लेबनानी लोग जान बचाने के लिए बॉर्डर पार करके सीरिया जा चुके हैं।

युद्ध में अब तक कितना हुआ नुकसान?

2 मार्च से शुरू हुए इस ताजा संघर्ष में अब तक 800 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 1400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान के अंदर तक घुस चुकी है और खियाम शहर को पूरी तरह से घेर लिया है।

लगातार हो रहे हमलों का स्वास्थ्य सेवाओं पर बहुत बुरा असर पड़ा है। लेबनान में करीब 50 प्राइमरी हेल्थकेयर सेंटर मजबूरन बंद कर दिए गए हैं जिससे घायलों के इलाज में दिक्कत आ रही है। इस गंभीर संकट को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 15 मिलियन डॉलर की आपातकालीन मदद की घोषणा की है और बेघर हुए लोगों की सहायता के लिए फंड जुटाने की अपील की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.