लेबनॉन में इसराइल की जंग और भारी तबाही जारी है. पिछले तीन दिनों में दर्जनों लोग मारे गए हैं और लाखों लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं. बीच में शांति की कोशिशें तो हुईं लेकिन अमेरिका ने ईरान के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है.

लेबनॉन में क्या हालात हैं और कितने लोग मारे गए?

लेबनॉन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन दिनों में इसराइली हमलों में 74 लोग मारे गए. पिछले 24 घंटों की बात करें तो 51 लोगों की जान गई, जिनमें एक 6 महीने का बच्चा और दो मेडिकल कर्मचारी भी शामिल हैं. इस युद्ध की वजह से अब तक 12 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो चुके हैं. इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई इतनी बढ़ गई है कि हिजबुल्लाह अब रोजाना 20 से 25 बार ड्रोन हमले कर रहा है.

ईरान के शांति प्रस्ताव पर अमेरिका और इसराइल का क्या स्टैंड है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताकर खारिज कर दिया. ईरान ने अपनी शर्तों में जंग को हर मोर्चे पर खत्म करने, अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को खत्म करने की बात कही थी. वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि जंग अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि ईरान के परमाणु ठिकानों, उनके समर्थकों और मिसाइल क्षमताओं पर अभी और काम करना बाकी है.

मानवीय सहायता और आने वाली बातचीत का क्या अपडेट है?

Global Sumud Flotilla नाम की सहायता नावों को, जो मानवीय मदद लेकर जा रही थीं, इसराइली नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय पानी में ही रोक लिया. रिपोर्ट के अनुसार दो कार्यकर्ताओं को इसराइल ले जाया गया, जहां उन पर आतंकवाद के आरोप लगाए गए और उनके साथ मारपीट की गई. राजनीतिक स्तर पर अब 14 मई 2026 को वाशिंगटन में इसराइल और लेबनॉन के बीच नई बातचीत शुरू होने वाली है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनॉन में इसराइल के हमलों से कितने लोग बेघर हुए हैं?

इसराइली सैन्य अभियानों के कारण लेबनॉन में अब तक 12 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित होकर अपने घरों से दूर हो चुके हैं.

ईरान ने शांति के लिए क्या प्रस्ताव दिया था?

ईरान ने जंग को पूरी तरह खत्म करने, अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, प्रतिबंध हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित शिपिंग सुनिश्चित करने का प्रस्ताव दिया था.