लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजरायली हमलों के कारण होने वाले नुकसान की ताजा रिपोर्ट जारी की है। आंकड़ों के अनुसार 2 मार्च 2026 से शुरू हुए हमलों में अब तक 1,142 लोगों की जान जा चुकी है और 3,315 लोग घायल हुए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान भी भारी गोलाबारी हुई है जिसमें 22 लोगों की मौत और 110 लोगों के घायल होने की खबर है। दक्षिण लेबनान के इलाकों में इजरायली सेना की कार्रवाई बढ़ने से वहां के हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं।

इस संघर्ष में आम जनता और बच्चों की क्या स्थिति है?

UNICEF की रिपोर्ट के मुताबिक इस सैन्य कार्रवाई का सबसे बुरा असर बच्चों पर पड़ा है। अब तक कम से कम 121 बच्चों की मौत हो चुकी है और लगभग 399 बच्चे घायल हुए हैं। युद्ध के कारण लेबनान में 3 लाख 70 हजार से ज्यादा बच्चों को विस्थापित होना पड़ा है यानी उन्हें अपना घर छोड़कर दूसरे सुरक्षित ठिकानों पर जाना पड़ा है। इजरायली वायुसेना ने दक्षिणी लेबनान और बेरूत के उपनगरीय इलाकों में हवाई हमले जारी रखे हैं जिससे आम नागरिकों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

तारीख के हिसाब से हताहतों का पूरा विवरण क्या है?

लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने मार्च महीने के दौरान हुई मौतों और घायलों की संख्या का सिलसिलेवार डेटा साझा किया है। नीचे दी गई टेबल से स्थिति की गंभीरता को समझा जा सकता है:

तारीख (मार्च 2026) कुल मौतें कुल घायल
2 मार्च 52 154
10 मार्च 486 1,313
14 मार्च 826 2,009
24 मार्च 1,072 2,966
27 मार्च 1,142 3,315

लेबनान सरकार और इजरायल का अगला कदम क्या है?

इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ किया है कि उनकी सेना दक्षिण लेबनान में Litani River तक एक सुरक्षा क्षेत्र बनाना चाहती है। इसके जवाब में लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी दी है कि इजरायल लेबनान की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। वहीं Hezbollah ने भी इजरायली ठिकानों और सेना की टुकड़ियों पर ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इन हालातों को देश के लिए एक गंभीर जाल बताया है और कहा है कि युद्ध और शांति का फैसला केवल लेबनान सरकार के पास होना चाहिए।