लेबनान में इसराइली हमलों का कहर जारी है और मरने वालों की संख्या अब 4,322 तक पहुँच गई है। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय और National News Agency (NNA) के मुताबिक 2 मार्च 2026 से अब तक 12,210 लोग घायल हुए हैं। इस बीच अमेरिका ने इस तनाव को कम करने के लिए इसराइली सेना की वापसी पर चर्चा शुरू कर दी है।

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दक्षिणी लेबनान में हमले जारी

11 जुलाई को भी दक्षिणी लेबनान के Kfar Roumman और al-Mansouri जैसे इलाकों में हवाई हमले और ड्रोन स्ट्राइक हुई, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की जान गई और कई लोग घायल हुए। Israel Defense Forces (IDF) ने बताया कि उन्होंने एक हफ्ते में 20 से ज़्यादा हमले किए हैं। IDF का दावा है कि Hezbollah ने युद्धविराम के नियमों को तोड़ा, इसलिए उन्होंने उनके ज़मीनी रास्तों को तबाह कर दिया।

अमेरिका की मध्यस्थता और समझौते की बात

हिंसा के बीच 11 जुलाई को एक अमेरिकी सैन्य प्रतिनिधिमंडल बेरूत पहुँचा। यह टीम 26 जून 2026 को साइन हुए एक समझौते को लागू करने पर चर्चा करने आई है। इस समझौते के तहत इसराइली सेना को लेबनान के तय किए गए ‘पायलट ज़ोन’ से धीरे-धीरे बाहर निकलना होगा। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने 10 जुलाई को कहा कि वे इस मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हैं और देश की संप्रभुता उनके लिए सबसे ऊपर है। हालांकि, Hezbollah ने इस समझौते का विरोध किया है और इसे इसराइल के फायदे वाला बताया है।

UN की निगरानी और सीमा विवाद

UN Security Council के नियम 1701 के तहत ‘Blue Line’ को सीमा माना गया है। UNIFIL की निगरानी टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इसराइली सेना अब भी इस लाइन के उत्तर में काम कर रही है, जिसकी वजह से इलाके में शांति नहीं आ पा रही है और अस्थिरता बनी हुई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.