लेबनान में जारी तनाव के बीच इजरायली सेना के हमलों ने स्वास्थ्य सेवाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। 29 मार्च 2026 को दक्षिणी लेबनान के Bint Jbeil इलाके में एक एम्बुलेंस पर हुए हमले में एक पैरामेडिक और एक मरीज की मौत हो गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस घटना की पुष्टि की है और बताया है कि युद्ध के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। लेबनान में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और राहत कार्य में लगे लोगों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है।

हमले में क्या-क्या नुकसान हुआ और WHO ने क्या कहा?

दक्षिणी लेबनान के Bint Jbeil अस्पताल के पास इजरायली लड़ाकू विमानों ने हमला किया। इस हमले में दो और पैरामेडिक मारे गए और कई लोग घायल हुए। WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम घेब्येयियस ने बताया कि हमले में एक मेडिकल गोदाम भी पूरी तरह तबाह हो गया है। उन्होंने साफ कहा कि हेल्थ वर्कर्स को किसी भी हालत में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुरक्षित हैं।

  • दक्षिणी लेबनान के Bint Jbeil में एम्बुलेंस को बनाया गया निशाना
  • हमले में पैरामेडिक के साथ एक मरीज की भी जान चली गई
  • 28 मार्च को भी इजरायली हमलों में 9 पैरामेडिक मारे गए थे
  • इस संघर्ष में अब तक तीन पत्रकारों की भी मौत हो चुकी है

लेबनान में अब तक के हालात और आंकड़ों की जानकारी

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 2 मार्च 2026 से अब तक 51 मेडिकल स्टाफ मारे जा चुके हैं। इजरायली सेना ने इन हमलों पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए दावा किया है कि Hezbollah एम्बुलेंस और मेडिकल सुविधाओं का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए कर रहा है। इजरायल का कहना है कि अगर ऐसा जारी रहा तो वह आगे भी इन ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा।

विवरण आंकड़े
कुल स्वास्थ्य कर्मी जो मारे गए 51
अब तक बंद हुए अस्पताल 5
मेडिकल क्षेत्र पर हुए कुल हमले 75
2 मार्च से अब तक कुल मौतें 1,189

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने पत्रकारों और राहत कर्मियों की हत्या को एक गंभीर अपराध बताया है। उन्होंने कहा कि यह उन सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है जिसके तहत युद्ध के दौरान पत्रकारों और स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षा मिलती है। दक्षिणी लेबनान में Hezbollah और इजरायली सेना के बीच लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है।