लेबनान और इटली की बैठक में इसराइल के हमलों पर हुई चर्चा, कूटनीतिक हल निकालने की कोशिश जारी

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni से इटली के टारानतो शहर में मुलाकात की। यह बैठक 21 अगस्त 2026 को हुई, जिसमें लेबनान में चल रहे सैन्य तनाव और इसराइल से जुड़े रुके हुए कूटनीतिक प्रयासों पर लंबी बातचीत की गई। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति बहाल करना और आम लोगों को हो रही परेशानियों से राहत दिलाना था, ताकि दोबारा से सामान्य स्थिति बन सके।
अंतरराष्ट्रीय समझौते को लागू करने की मांग
मुलाकात के दौरान लेबनान के राष्ट्रपति ने इसराइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की मांग रखी। उन्होंने 26 जून 2025 को अमेरिका की मध्यस्थता से हुए फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया। इस समझौते के तहत लेबनान के कब्ज़े वाले इलाकों से इसराइल की सेना को धीरे-धीरे वापस जाना है, लेबनान की सेना को तैनात करना है और हथियारबंद समूहों को हटाना है। इटली की प्रधानमंत्री ने लेबनान की संप्रभुता और अखंडता का समर्थन करते हुए दोनों देशों के बीच भविष्य की बातचीत की मेजबानी करने की पेशकश की है।
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन और वेटिकन की यात्रा
दोनों नेताओं की इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र शांति बल यानी UNIFIL के भविष्य को लेकर भी बात हुई, क्योंकि इसका कार्यकाल 2026 के आखिर में खत्म होने वाला है। इस राजनयिक प्रयास से पहले लेबनान के राष्ट्रपति ने 20 अगस्त 2026 को वेटिकन की यात्रा की थी। वहां उन्होंने Pope Leo XIV से मुलाकात करके युद्धविराम और इसराइल की पूरी तरह से सेना वापसी के लिए लगातार अपील करने का अनुरोध किया था। इन तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है क्योंकि बेरूत का आरोप है कि इसराइल ने तोड़फोड़ की कार्रवाइयों को बंद करने जैसी जरूरी शर्तों को पूरा नहीं किया है।
जमीनी स्तर पर लगातार जारी है हिंसा
जमीनी हालात पर नजर डालें तो वहां हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। 21 अगस्त 2026 को लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हवाई हमलों और तोपखाने की गोलाबारी की खबर दी थी। इन हमलों में खासतौर पर मंसूरी और नबातियेह इलाकों को निशाना बनाया गया था। हदथा और अल-तिरी गांवों में कई बड़े धमाके सुने गए और लड़ाकू विमानों ने टायर के ऊपर से उड़ान भरी। इस्राइली रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ कह दिया है कि इसराइल अपने बनाए गए सुरक्षा क्षेत्र से पीछे नहीं हटेगा। इसके अलावा इस्राइली सेना ने युद्धविराम रेखा को पार करने वाले कुछ संदिग्धों को देखने के बाद दक्षिणी लेबनान में एक इमारत पर हमला करने की पुष्टि भी की है। यह नया संघर्ष 2 मार्च 2026 को शुरू हुआ था, जिसने नवंबर 2024 से चल रहे युद्धविराम को पूरी तरह से तोड़ दिया है।