Lebanon में इसराइल का हमला, पत्रकार अमल खलील की मौत, ईरान और लेबनान ने बताया बड़ा जुर्म
लेबनान के दक्षिणी इलाके अल-तिरी में इसराइल के हवाई हमले में 43 साल की पत्रकार अमल खलील की मौत हो गई। वह अल-अखबार अखबार के लिए काम करती थीं और 2006 से इस क्षेत्र के संघर्षों की खबरें कवर कर रही थीं। इस घटना के बाद ईरान और लेबनान सहित दुनिया भर के कई संगठनों ने इसराइल की कड़ी निंदा की है और इसे युद्ध अपराध करार दिया है।
अमल खलील की मौत कैसे हुई
अमल खलील और उनकी साथी फोटोग्राफर ज़ैनब फराज एक घर में शरण लिए हुए थीं। पहले एक गाड़ी पर हमला हुआ, जिसके बाद दूसरे हमले में उस घर को निशाना बनाया गया जहां वे छिपी थीं। इस हमले में दोनों मलबे के नीचे दब गईं। ज़ैनब को तो बचा लिया गया और वह गंभीर रूप से घायल हैं, लेकिन अमल की जान नहीं बचाई जा सकी। रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइली सेना की गोलाबारी की वजह से बचाव दल को समय पर वहां पहुँचने में काफी दिक्कत हुई जिससे देरी हुई।
दुनिया भर में इसराइल की निंदा
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ई ने इसे सच्चाई को दबाने की कोशिश बताया। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इसे युद्ध अपराध कहा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मामला ले जाने की बात कही। प्रेस फ्रीडम संगठनों जैसे CPJ और रिपोटर्स विदाउट बॉर्डर्स ने भी इस घटना पर दुख जताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि पत्रकारों को जानबूझकर निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और अन्य जानकारियां
मार्च 2026 में इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष फिर से शुरू हो गया था। अमल खलील को पहले भी 2024 में धमकी भरे फोन आए थे जिसमें उन्हें दक्षिणी लेबनान छोड़ने को कहा गया था। इस साल लेबनान में अब तक 9 पत्रकारों की जान जा चुकी है। दूसरी तरफ, इसराइल की सेना ने कहा कि वह इस मामले की जांच कर रही है और उन्होंने जानबूझकर पत्रकारों को निशाना नहीं बनाया। उनका दावा है कि गांव के कुछ लोगों ने युद्धविराम का उल्लंघन किया था।