लेबनान के नबातिये शहर में इसराइल ने बहुत भारी बमबारी की है. इस हमले में सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया जिससे कई सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई. राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और जल्द से जल्द युद्ध रोकने की मांग की है.

नबातिये हमले में कितने लोग मारे गए?

इस हमले में सुरक्षाकर्मियों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 12 हो गया है, जबकि कुछ सरकारी रिपोर्टों में यह संख्या 13 बताई जा रही है. कुछ अन्य खबरों के मुताबिक कुल 19 लोग मारे गए हैं, जिनमें 11 सुरक्षाकर्मी और 8 आम नागरिक शामिल हैं. यह हमला नबातिये के सरकारी परिसर यानी सेराइल पर हुआ, जिससे वहां की प्रशासनिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है.

अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं की क्या स्थिति है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि लेबनान के अस्पताल अपनी 95% क्षमता पर काम कर रहे हैं. लगातार हो रही बमबारी की वजह से 6 अस्पताल पूरी तरह बंद हो गए हैं और 12 अस्पतालों में काफी नुकसान हुआ है. इस युद्ध की वजह से देश की करीब 20% आबादी यानी 12 लाख से ज्यादा लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं.

दुनिया भर के देशों का इस पर क्या कहना है?

देश या संस्था बयान और रुख
भारत नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता जताई और अंतरराष्ट्रीय कानून मानने को कहा
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राष्ट्रपति जोसेफ औन ने प्रस्ताव दिया है कि पहले तुरंत सीजफायर हो और उसके बाद दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत की जाए. वहीं इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने राजनयिकों को बेरूत के साथ बातचीत की तैयारी करने का निर्देश दिया है.