लेबनान और ईरान के बीच कूटनीतिक रिश्ते अब काफी खराब मोड़ पर आ गए हैं। लेबनान के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत Mohammad Reza Shibani को ‘Persona Non Grata’ घोषित कर दिया है। इसका मतलब है कि अब उन्हें देश में रहने की अनुमति नहीं है और उन्हें 29 मार्च 2026 तक लेबनान छोड़ना होगा। सरकार ने यह कड़ा कदम ईरान के बढ़ते दखल और सैन्य गतिविधियों को देखते हुए उठाया है।

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लेबनान सरकार ने क्यों लिया यह बड़ा फैसला?

लेबनान के विदेश मंत्री Youssef Raggi ने जानकारी दी है कि ईरान पर लेबनान की कूटनीतिक मर्यादाओं के उल्लंघन का आरोप है। सरकार का मानना है कि ईरान की IRGC फोर्स हिजबुल्ला के साथ मिलकर देश में सैन्य अभियान चला रही है, जिससे लेबनान बेवजह युद्ध में खिंचता जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा और शांति से जुड़े फैसले लेने का अधिकार सिर्फ राज्य का है। इस फैसले के साथ ही लेबनान ने ईरान में मौजूद अपने राजदूत Ahmad Sweidan को भी सलाह-मशविरे के लिए वापस बुला लिया है।

ईरानी राजदूत और हिजबुल्ला को लेकर क्या है ताजा अपडेट?

मुख्य बिंदु विवरण
राजदूत का नाम Mohammad Reza Shibani
देश छोड़ने की समयसीमा 29 मार्च 2026 तक
विवाद की मुख्य वजह ईरान का हिजबुल्ला के सैन्य ऑपरेशनों में सीधा दखल
हिजबुल्ला का रुख Amal Movement और हिजबुल्ला ने राजदूत से आदेश न मानने की अपील की
सरकारी आदेश प्रधानमंत्री ने हिजबुल्ला के हमलों को गैर-जिम्मेदाराना बताया

भले ही मुख्य राजदूत को जाने के लिए कहा गया है, लेकिन लेबनान में ईरान का दूतावास फिलहाल पूरी तरह बंद नहीं होगा। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Denise Rahme के मुताबिक, राजदूत के जाने के बाद दूतावास का कामकाज Chargé d’Affaires संभालेंगे। लेबनान सरकार ने हिजबुल्ला की सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाते हुए उनके हथियारों को सरकारी नियंत्रण में देने की मांग की है। इस घटना के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है क्योंकि लेबनान अब अपनी संप्रभुता को लेकर काफी सख्त कदम उठा रहा है।