लेबनान के दक्षिणी हिस्से में शनिवार, 28 मार्च 2026 को हुई हिंसा में नौ स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया कि पांच अलग-अलग हमलों में इन पैरामेडिक्स को निशाना बनाया गया, जिसमें सात अन्य लोग घायल भी हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ बताया है। इस घटना के बाद इलाके में काफी तनाव देखा जा रहा है।
इन हमलों में किस तरह का नुकसान हुआ है?
लेबनान की सरकारी मीडिया के अनुसार शनिवार सुबह Zoutar Sharqi में एक एम्बुलेंस पर हवाई हमला हुआ जिसमें 5 स्वास्थ्य कर्मी मारे गए। इससे पहले शुक्रवार रात Kfar Tebnit के पास हुए ड्रोन हमले में भी एक पैरामेडिक की मौत हुई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों में लेबनान में स्वास्थ्य सेवाओं पर कुल 75 हमले दर्ज किए गए हैं। इस संघर्ष की वजह से 2 मार्च से अब तक 51 स्वास्थ्य कर्मियों और बचाव कर्मियों की जान जा चुकी है।
घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी और आंकड़े
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| शनिवार को मृतक पैरामेडिक्स | 09 |
| कुल घायलों की संख्या | 07 स्वास्थ्य कर्मी |
| मृत पत्रकारों की संख्या | 03 (Ali Shoeib सहित) |
| विस्थापित बच्चों की संख्या | 3,70,000 से अधिक |
| कुल स्वास्थ्य कर्मी मौतें | 51 (2 मार्च से अब तक) |
लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun और संसद अध्यक्ष Nabih Berri ने इन हमलों को युद्ध अपराध करार दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं इजरायली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने Hezbollah से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया है, हालांकि स्वास्थ्य कर्मियों को निशाना बनाए जाने पर कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया है। UNICEF ने भी चिंता जताई है कि लेबनान में मार्च की शुरुआत से अब तक लाखों बच्चे बेघर हो चुके हैं और मानवीय स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
