लेबनान और इसराइल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। लेबनान के संसद स्पीकर नबीह बेरी ने साफ कह दिया है कि जब तक युद्ध नहीं रुकता, तब तक इसराइल के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले युद्ध विराम होना चाहिए, उसके बाद ही किसी राजनीतिक रास्ते पर बात की जा सकती है।

नबीह बेरी ने बातचीत के लिए क्या शर्त रखी है?

संसद स्पीकर नबीह बेरी ने 4 मई 2026 को अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि युद्ध रोकने को सबसे पहली प्राथमिकता बनाना होगा। बेरी ने कहा कि जब तक इसराइल अपने हमले बंद करने की गारंटी नहीं देता, तब तक किसी भी बातचीत का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने पहले भी यह बात कही थी कि युद्ध के दौरान बातचीत करना बेकार है क्योंकि इससे इसराइल को अपने हमले बढ़ाने का मौका मिलता है।

लेबनान और इसराइल के बीच जमीनी हालात क्या हैं?

एक तरफ शांति की कोशिशें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ युद्ध जारी है। इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के चार और गांवों के लोगों को वहां से निकलने का आदेश दिया है। वहीं, हिज़्बुल्लाह ने दावा किया कि उन्होंने 3 मई 2026 को इसराइली सेना के खिलाफ 11 ऑपरेशन किए। अमेरिका इन दोनों देशों के बीच शांति कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

लेबनान सरकार में बातचीत को लेकर क्या विवाद है?

लेबनान के भीतर ही इस मुद्दे पर अलग-अलग राय है। राष्ट्रपति Joseph Aoun और प्रधानमंत्री Nawaf Salam सीधी बातचीत के पक्ष में हैं और अंतरराष्ट्रीय समर्थन चाहते हैं। लेकिन नबीह बेरी और हिज़्बुल्लाह सीधी बातचीत का विरोध कर रहे हैं। बेरी ने संकेत दिया है कि लेबनान केवल अप्रत्यक्ष बातचीत (indirect talks) के लिए तैयार हो सकता है, बशर्ते पहले युद्ध पूरी तरह रुक जाए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

नबीह बेरी कौन हैं और उनका इस विवाद में क्या रोल है?

नबीह बेरी लेबनान की संसद के स्पीकर और अमल मूवमेंट के नेता हैं। वे हिज़्बुल्लाह के करीबी सहयोगी हैं और उन्होंने साफ किया है कि युद्ध रुकने तक इसराइल से कोई बातचीत नहीं होगी।

क्या लेबनान सरकार के सभी नेता बातचीत के पक्ष में हैं?

नहीं, लेबनान सरकार में मतभेद है। राष्ट्रपति Joseph Aoun और प्रधानमंत्री Nawaf Salam सीधी बातचीत चाहते हैं, जबकि स्पीकर नबीह बेरी और हिज़्बुल्लाह इसके खिलाफ हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.