लेबनॉन के प्रधानमंत्री ने अमेरिका के राजदूत से मुलाकात की है ताकि इसराइल के साथ बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। अमेरिका चाहता है कि दोनों देशों के नेता सीधे मिलें और युद्ध को खत्म करें। इस बीच लेबनॉन में इसराइल के हमलों से कई लोगों की जान गई है, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।

US का क्या प्रस्ताव है और क्यों है यह ज़रूरी?

US दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा है कि लेबनॉन के पास अपनी संप्रभुता वापस पाने का एक ऐतिहासिक मौका है। अमेरिका ने प्रस्ताव दिया है कि राष्ट्रपति Donald Trump की मदद से दोनों देशों के नेता सीधी बातचीत करें। इससे लेबनॉन को अपनी सीमाओं की सुरक्षा और पुनर्निर्माण के लिए ठोस गारंटी मिल सकती है। अमेरिका का मानना है कि अब हिचकिचाने का समय खत्म हो गया है और लेबनॉन को अपने भविष्य के लिए फैसला लेना होगा।

लेबनॉन और इसराइल के बीच क्या है विवाद?

लेबनॉन के राष्ट्रपति Joseph Aoun का कहना है कि बातचीत शुरू करने से पहले इसराइल को युद्धविराम का पूरी तरह पालन करना होगा। उनका मानना है कि इसराइल के हमले जारी नहीं रहने चाहिए। दूसरी ओर, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि बातचीत के बावजूद हमले जारी रहेंगे और उनकी सेना लेबनॉन के अंदर सुरक्षा क्षेत्र में बनी रहेगी। इसराइल ने मई के मध्य तक का समय दिया है, अगर तब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई बढ़ सकती है।

अंदरूनी खींचतान और ताज़ा हालात

लेबनॉन के अंदर ही इस मुद्दे पर मतभेद हैं। जहाँ राष्ट्रपति Aoun और प्रधानमंत्री Nawaf Salam बातचीत के पक्ष में दिख रहे हैं, वहीं Hezbollah और संसद स्पीकर Nabih Berri सीधी बातचीत और सामान्य संबंधों का विरोध कर रहे हैं। हालिया हालात काफी खराब रहे हैं। गुरुवार को हुए इसराइली हमलों में कम से कम 17 लोग मारे गए हैं, जिनमें पांच महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं। इसराइल की सेना फिलहाल लेबनॉन की सीमा के अंदर करीब 10 किलोमीटर तक मौजूद है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनॉन और इसराइल के बीच युद्धविराम कब शुरू हुआ?

युद्धविराम 17 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ था, जिसे बाद में 23 अप्रैल को तीन हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया गया था।

इसराइल ने समझौते के लिए क्या समय सीमा तय की है?

इसराइल ने मई के मध्य तक का समय दिया है। अगर तब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हुआ तो वह हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन बढ़ा सकता है।