लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने देश की मौजूदा स्थिति को ‘बेहद गंभीर’ बताया है। दक्षिण लेबनान में इजरायली सेना की सैन्य कार्रवाई और घुसपैठ की वजह से वहां मानवीय संकट गहराता जा रहा है। अब तक 11 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भटक रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है कि लेबनान अब टूटने की कगार पर पहुंच गया है और वहां के हालात काबू से बाहर हो रहे हैं।

हमले और जान-माल के नुकसान की क्या है ताज़ा स्थिति?

2 अप्रैल 2026 को इजरायली सेना (IDF) ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में उन्होंने दक्षिण लेबनान में 40 से ज्यादा Hezbollah लड़ाकों को मार गिराया है। इजरायल ने हवाई और जमीनी हमलों के जरिए कई ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं दूसरी तरफ Hezbollah ने भी उत्तरी इजरायल पर 50 से ज्यादा रॉकेट दागे हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक इन हमलों में 1,318 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं।

इस संघर्ष में हुए नुकसान का विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:

विवरण आंकड़े/जानकारी
लेबनान में कुल मौतें 1,318 (कम से कम)
विस्थापित लोगों की संख्या 11 लाख से ज्यादा
इजरायल में हुई मौतें 12 (10 सैनिक और 2 नागरिक)
मारे गए बच्चे (लेबनान) 125
मारे गए स्वास्थ्यकर्मी 53

विस्थापन और सरकार के अगले कदम क्या हैं?

  • प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने Hezbollah द्वारा इजरायल पर किए जा रहे रॉकेट हमलों को अवैध बताया है।
  • लेबनान सरकार चाहती है कि Hezbollah की भूमिका केवल राजनीति तक सीमित रहे और सैन्य गतिविधियां बंद हों।
  • इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने सीमा के पास स्थित लेबनानी घरों को गिराने और वहां बफर ज़ोन बनाने की बात कही है।
  • विस्थापित लोगों के लिए बनाए गए शेल्टर होम में भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई है और वहां सुविधाओं की भारी कमी है।
  • लेबनानी सेना ने भी हमलों को देखते हुए दक्षिण लेबनान में अपनी पोजीशन बदलने का फैसला किया है।
  • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 3,70,000 से ज्यादा बच्चे इस संकट की वजह से अपने घरों से दूर असुरक्षित माहौल में रह रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार इस युद्ध को खत्म करने और विस्थापित लोगों को सम्मान के साथ वापस उनके घर भेजने के लिए लगातार काम कर रही है। हालांकि, जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों तरफ से हमले रुकने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। ईरान ने भी स्पष्ट किया है कि वह अपने राजदूत को लेबनान से वापस नहीं बुलाएगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com