Lebanon-EU Summit: लेबनान के राष्ट्रपति ने EU से मांगी मदद, साइप्रस में हुई बड़ी बैठक, युद्ध रोकने की कोशिश
लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने साइप्रस में हुए एक अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ (EU) से मदद मांगी है। उनका कहना है कि देश में चल रहे नाजुक युद्धविराम (ceasefire) को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। इस बैठक में कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया ताकि मध्य पूर्व में शांति बहाल की जा सके और हिंसा को रोका जा सके।
लेबनान के राष्ट्रपति ने बैठक में क्या कहा?
President Joseph Aoun ने साफ किया कि लेबनान किसी भी क्षेत्रीय विवाद में “मोहरा” बनना पसंद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि लेबनान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए खुद बातचीत करता है। उन्होंने मांग की कि मौजूदा युद्धविराम को एक स्थायी समझौते में बदला जाए ताकि लोगों के अधिकार सुरक्षित रहें। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि इसराइल के हमलों में अस्पतालों, स्कूलों और पत्रकारों को निशाना बनाया गया है।
EU और अन्य देशों का इस पर क्या रुख है?
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष António Costa ने युद्धविराम को एक सकारात्मक कदम बताया लेकिन Hezbollah को लेबनान के लिए एक बड़ा खतरा माना। वहीं EU की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने संकेत दिया कि UNIFIL मिशन खत्म होने के बाद EU लेबनान के दक्षिण में अपना मिशन भेज सकता है ताकि Hezbollah को निशस्त्र करने में मदद मिले। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इसराइल से अपनी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने की अपील की। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस युद्धविराम को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया है।
Hezbollah का रिएक्शन और ताजा हालात क्या हैं?
Hezbollah के नेता Ali Fayyad ने तीन हफ्ते के इस विस्तार को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक इसराइल अपनी आक्रामक हरकतें बंद नहीं करता, तब तक यह ceasefire स्वीकार नहीं होगा। इसी बीच 24 अप्रैल को दक्षिणी लेबनान में फिर से इसराइली हमले हुए और Hezbollah ने उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागे। EU नेताओं ने इस संकट के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत फिर से खोलने की मांग भी की है।