लेबनान में हालात बहुत खराब हो गए हैं और वहां के राष्ट्रपति जोसेफ आउन की अब जनता जमकर आलोचना कर रही है. करीब 10 लाख से ज़्यादा लोग जो इसराइल के हमलों की वजह से अपने घरों से बेघर हुए, उनका कहना है कि अमेरिका द्वारा समर्थित ceasefire पूरी तरह नाकाम रहा है. लोगों का मानना है कि इस समझौते के बाद भी इसराइल के हमले और दक्षिण लेबनान में उसकी सेना का घुसना बंद नहीं हुआ है.
ceasefire के बावजूद हमले क्यों जारी रहे?
इस मामले में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. 23 अप्रैल 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में बातचीत के बाद इसराइल और लेबनान के बीच ceasefire को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाने का ऐलान किया था. लेकिन इसी दिन हिज़बुल्लाह ने उत्तरी इसराइल पर भारी रॉकेट हमला कर दिया. इसके अलावा, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह साफ कर दिया था कि यह समझौता हिज़बुल्लाह के साथ उनकी लड़ाई पर लागू नहीं होता, जिसकी वजह से लेबनान पर हमले जारी रहे.
राष्ट्रपति जोसेफ आउन और हिज़बुल्लाह के बीच क्या विवाद है?
राष्ट्रपति जोसेफ आउन इसराइल के साथ सीधी बातचीत करके युद्ध खत्म करना चाहते हैं. उन्होंने उन लोगों पर “गद्दारी” का आरोप लगाया जिन्होंने लेबनान को इस युद्ध में धकेला, जो कि हिज़बुल्लाह के लिए एक सीधा हमला था. राष्ट्रपति का लक्ष्य 1949 के युद्धविराम जैसी स्थिति बनाना है, लेकिन उन्होंने कहा कि वे कोई अपमानजनक समझौता स्वीकार नहीं करेंगे. दूसरी तरफ, हिज़बुल्लाह के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल शेख नईम कासिम ने इन सीधी वार्ताओं को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उनके लिए ऐसी बातचीत का कोई अस्तित्व नहीं है.
लेबनान की सुरक्षा और सेना की योजना
- जनवरी 2025 में जोसेफ आउन लेबनान के 14वें राष्ट्रपति बने थे.
- अगस्त 2025 में लेबनान की कैबिनेट ने सेना को देश के सभी हथियारों को सरकारी नियंत्रण में लाने का आदेश दिया था.
- सितंबर 2025 में सेना प्रमुख ने हिज़बुल्लाह को पूरी तरह निशस्त्र करने की योजना पेश की, जिसका हिज़बुल्लाह ने कड़ा विरोध किया.
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन के खिलाफ लोग क्यों नाराज हैं?
करीब 10 लाख से अधिक विस्थापित लोग इस बात से नाराज हैं कि अमेरिका द्वारा समर्थित ceasefire के बाद भी इसराइल के हमले और दक्षिण में घुसपैठ बंद नहीं हुई है.
हिज़बुल्लाह ने राष्ट्रपति की बातचीत की कोशिश पर क्या कहा?
हिज़बुल्लाह के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल शेख नईम कासिम ने इसराइल के साथ सीधी बातचीत को खारिज कर दिया और कहा कि वे लेबनान के बचाव के लिए अपनी प्रतिरोधक लड़ाई जारी रखेंगे.