लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि वह उनके देश के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करे। राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि ईरान, अमेरिका के साथ अपनी बातचीत में लेबनान का इस्तेमाल एक मोहरे के रूप में कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लेबनान के नागरिक अब युद्ध से पूरी तरह थक चुके हैं और वे अपने देश को किसी भी क्षेत्रीय लड़ाई का हिस्सा नहीं बनने देना चाहते।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान को लेकर क्या कहा?

राष्ट्रपति जोसेफ औन ने एक इंटरव्यू में ईरान की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान के रणनीतिक हित लेबनान के हितों से मेल नहीं खाते हैं। लेबनान से जुड़े सभी फैसले केवल लेबनानी सरकार को ही लेने चाहिए, न कि किसी बाहरी देश को। राष्ट्रपति औन ने विशेष रूप से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के बयानों को खारिज कर दिया और कहा कि यह आपका देश नहीं बल्कि हमारा देश है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह नेता नईम कासिम लेबनान के लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं और हिजबुल्लाह को संकट सुलझाने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।

प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी जताई अपनी गंभीर आपत्ति

राष्ट्रपति के साथ-साथ लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी ईरान से अपील की है कि वह अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत में लेबनान को सौदेबाजी का मोहरा बनाना बंद करे। यह बयान ऐसे समय आया है जब लेबनान और इजरायल के बीच हाल ही में एक नाजुक युद्धविराम समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत सीमा पर जारी गोलाबारी को पूरी तरह रोकना और दक्षिणी इलाकों से हिजबुल्लाह लड़ाकों की वापसी अनिवार्य की गई है। लेबनानी नेतृत्व का मानना है कि अब देश को क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता का मैदान बनने से बचाना ही एकमात्र रास्ता है।

सैन्य समाधान के बजाय कूटनीति पर दिया जोर

राष्ट्रपति औन ने अपने बयान में इस बात को साफ किया कि केवल सैन्य तरीकों से कभी भी स्थायी सुरक्षा नहीं मिल सकती है। उन्होंने कहा कि देश को इस संकट से बाहर निकालने के लिए केवल कूटनीति और बातचीत का ही सहारा लेना होगा। उन्होंने हिजबुल्लाह समेत सभी पक्षों से देश की संप्रभुता का सम्मान करने और बातचीत की मेज पर आने की अपील की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान के राष्ट्रपति ने ईरान पर क्या आरोप लगाया है?

राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह अमेरिका के साथ अपनी बातचीत में लेबनान को एक सौदेबाजी के मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहा है और उन्होंने ईरान को लेबनान के मामलों में दखल न देने की चेतावनी दी है।

क्या लेबनान के प्रधानमंत्री भी राष्ट्रपति के इस बयान से सहमत हैं?

हाँ, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी ईरान से मांग की है कि वह अमेरिका के साथ होने वाली वार्ताओं में लेबनान का इस्तेमाल बंद करे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.