लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) की तरफ से मिले समर्थन का दिल से स्वागत किया है। लेबनान इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में खाड़ी देशों का यह साथ देश और वहां के आम लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। राष्ट्रपति ने इसे दोनों पक्षों के बीच पुराने और गहरे रिश्तों का नतीजा बताया है।
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26 जून 2026 को राष्ट्रपति आउन ने GCC के जनरल सचिवालय द्वारा जारी बयान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि लेबनान की सुरक्षा, स्थिरता और उसकी सीमाओं को सुरक्षित रखने पर GCC ने जो जोर दिया है, वह बहुत जरूरी था।
राष्ट्रपति ने राज्य के संस्थानों को मजबूत करने और सुधार कार्यों में GCC की मदद को भी स्वीकार किया। उनका मानना है कि इससे लेबनान में एक ऐसा शासन आएगा जो सक्षम और न्यायपूर्ण होगा।
इस बातचीत के दौरान कुछ अहम बातों पर सहमति बनी:
- लेबनान अपनी पूरी जमीन पर अपना हक और नियंत्रण रखेगा।
- हथियारों का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी और कानूनी संस्थाएं ही करेंगी।
- यह कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 और लेबनान के संविधान के मुताबिक होगा।
इसके अलावा, राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने खाड़ी देशों द्वारा दी जाने वाली मानवीय और विकास संबंधी सहायता के लिए आभार जताया। इस मदद का मुख्य मकसद लेबनान के लोगों का आर्थिक बोझ कम करना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
राष्ट्रपति ने साफ किया कि लेबनान सभी अरब देशों, खासकर GCC देशों के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करेगा ताकि इलाके में शांति बनी रहे और दोनों तरफ के फायदे हों।
