Lebanon Ceasefire: लेबनान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, बोले अब देश किसी की जेब का मोहरा नहीं, इसराइल के साथ युद्धविराम शुरू
लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अब लेबनान किसी के हाथ का खिलौना या मोहरा नहीं रहा। यह बात उन्होंने उस समय कही जब इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू हुआ है। इस फैसले से इलाके में शांति की उम्मीद जगी है और हजारों विस्थापित परिवार अपने घरों को वापस लौट रहे हैं।
युद्धविराम और शांति की कोशिशें क्या हैं?
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम का ऐलान किया। यह समझौता 17 अप्रैल 2026 की आधी रात से लागू हो गया। राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा कि इसराइल के साथ सीधी बातचीत बहुत नाजुक और जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि यह युद्धविराम आगे की बातचीत शुरू करने के लिए पहला कदम है। प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने इसे लेबनान की पुरानी मांग बताया है।
लेबनान सरकार की मुख्य मांगें और योजना क्या है?
लेबनान सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें रखी हैं जिन्हें पूरा करना जरूरी है। इनमें मुख्य रूप से दक्षिण लेबनान के कब्जे वाले इलाकों से इसराइली सेना की वापसी और कैदियों की रिहाई शामिल है। साथ ही बॉर्डर से जुड़े विवादों को सुलझाने की बात कही गई है। राष्ट्रपति Aoun ने कहा कि इस दौरान पूरे देश को एक साथ जिम्मेदारी लेनी होगी। इसराइली सेना के जाने के बाद लेबनान की आर्मी सरहदों पर तैनात होगी और हथियारों के अवैध इस्तेमाल को खत्म करेगी।
दूसरे देशों और संगठनों की क्या राय है?
सऊदी अरब ने लेबनान की संप्रभुता का समर्थन किया है और वहां सुधारों की बात कही है। दूसरी तरफ Hezbollah ने युद्धविराम को स्वीकार तो किया है लेकिन पूरी तरह भरोसा नहीं जताया। उन्होंने लोगों को अभी सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने सभी पक्षों से इस समझौते का पूरा पालन करने को कहा है। फ्रांस और ब्रिटेन भी अब इस इलाके में सुरक्षा को लेकर रणनीति बना रहे हैं।
| नाम/संस्था | भूमिका और बयान |
|---|---|
| President Joseph Aoun | कहा कि लेबनान अब किसी का मोहरा नहीं, बातचीत को जरूरी बताया |
| Donald Trump | 10 दिन का युद्धविराम घोषित किया और शांति वार्ता के लिए बुलाया |
| Benjamin Netanyahu | युद्धविराम को स्वीकार किया हालांकि देश के अंदर विरोध हुआ |
| Hezbollah | समझौते को माना लेकिन कहा कि हाथ अभी भी ट्रिगर पर रहेगा |
| Saudi Arabia | लेबनान की संप्रभुता का समर्थन किया और सुधारों पर जोर दिया |
| UN Secretary-General | सभी देशों से युद्धविराम का पूरी तरह पालन करने की अपील की |