लेबनान में सीजफायर यानी संघर्षविराम को मजबूत करने के लिए चल रही कोशिशों के बीच एक बड़ा अपडेट आया है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने संकट के इस दौर में कतर के राजनयिक प्रयासों और लगातार मिल रहे समर्थन के लिए कतर सरकार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान बिन जासिम अल थानी से फोन पर बात करके उनका आभार जताया। राष्ट्रपति ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के मददगार रुख की भी सराहना की है जो लेबनानी नागरिकों की मदद के लिए लगातार आगे रहे हैं।

अमेरिकी सीजफायर प्रस्ताव को राष्ट्रपति ने बताया आखिरी मौका

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने अमेरिका की मध्यस्थता में तैयार हुए सीजफायर प्रस्ताव को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस समझौते को एक अंतिम और व्यापक संघर्षविराम में प्रवेश करने का आखिरी अवसर बताया है। राष्ट्रपति का कहना है कि बेरूत इस सीजफायर ढांचे पर आधिकारिक जवाब देने से पहले देश के अंदर मौजूद सभी पक्षों से बातचीत कर रहा है। इस प्रस्तावित समझौते के तहत हिजबुल्लाह के हमलों को पूरी तरह रोकने, लितानी नदी के दक्षिणी इलाकों से हिजबुल्लाह के लड़ाकों को हटाने और वहां लेबनानी सेना के नियंत्रण वाले पायलट जोन बनाने की बात कही गई है।

हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम ने समझौते को किया खारिज

एक तरफ जहां लेबनानी सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने इस नए अमेरिकी प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे एक बड़ी गलती और सरेंडर का ही दूसरा रूप बताया है। हिजबुल्लाह के इस कड़े रुख के बाद अब इस सीजफायर के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। अमेरिका अब लेबनान की औपचारिक सहमति और जरूरी गारंटी मिलने के बाद ही इस सीजफायर को लागू करने की समयसीमा और पूरा तरीका तय करेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान के राष्ट्रपति ने कतर को क्यों धन्यवाद दिया?

राष्ट्रपति जोसेफ औन ने संकट के समय लेबनान में शांति स्थापित करने और सीजफायर को मजबूत करने के लिए कतर के राजनयिक प्रयासों और मदद के लिए धन्यवाद दिया है।

हिजबुल्लाह चीफ ने अमेरिकी सीजफायर प्रस्ताव पर क्या कहा है?

हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे सरेंडर यानी आत्मसमर्पण का दूसरा रूप और एक बड़ी भूल बताया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.