लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने सऊदी अरब की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि ताइफ़ समझौते के स्पॉन्सर के तौर पर सऊदी अरब पर लेबनान, इस क्षेत्र और पूरी दुनिया को भरोसा है। राष्ट्रपति ने हाल ही में सऊदी अरब का दौरा किया जहां उन्होंने देश की स्थिरता और सुरक्षा को लेकर अहम बातचीत की।

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सऊदी अरब की भूमिका और ताइफ़ समझौता क्या है?

लेबनान के राष्ट्रपति ने सऊदी अरब को एक भरोसेमंद साथी बताया। उन्होंने ताइफ़ समझौते को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया ताकि देश में शांति बनी रहे। सऊदी अरब इस समझौते का मुख्य स्पॉन्सर रहा है और लेबनान की अर्थव्यवस्था को सुधारने में मदद कर रहा है। दोनों देशों ने मिलकर लेबनान की संप्रभुता को बचाने और सुधार लागू करने का फैसला किया है।

लेबनान में हथियारों और सुरक्षा पर क्या फैसला हुआ?

रियाद में हुई बातचीत के बाद यह बात सामने आई कि लेबनान में हथियारों का कंट्रोल सिर्फ सरकारी सेना के पास होना चाहिए। राष्ट्रपति Joseph Aoun और सऊदी अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि देश की सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है। कई अन्य देशों ने भी लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है और Hezbollah की सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया है।

लेबनान की मौजूदा स्थिति और ताजा अपडेट्स

लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने भी राष्ट्रीय एकता और ताइफ़ समझौते के पालन की बात कही है। इस बीच कुछ अहम अपडेट्स इस प्रकार हैं:

  • 15 अप्रैल 2026 को एक हफ्ते के युद्धविराम की खबरें आईं, लेकिन इजरायल ने इसकी पुष्टि नहीं की।
  • दक्षिण लेबनान में इजरायली सेना के हमले जारी रहे जिससे तनाव बना हुआ है।
  • लेबनान के राष्ट्रपति ने इजरायल के साथ सीधी बातचीत शुरू करने की पहल की है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.