लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसराइल को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इसराइल को लगता है कि सीमावर्ती गांवों को तबाह करके वह अपनी सुरक्षा कर लेगा, तो वह गलत सोच रहा है। राष्ट्रपति ने साफ किया कि सुरक्षा का रास्ता केवल बातचीत से निकलता है, लेकिन इसके लिए इसराइल को पहले सीजफायर का पूरी तरह पालन करना होगा।

सीजफायर और बातचीत की क्या स्थिति है?

इसराइल और लेबनान के बीच 16 और 17 अप्रैल 2026 की आधी रात को सीजफायर लागू हुआ था। शुरू में यह 10 दिनों के लिए था, जिसे बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तीन हफ्ते और बढ़ा दिया। राष्ट्रपति औन के मुताबिक, लेबनान अब अमेरिका द्वारा बातचीत की तारीख तय करने का इंतजार कर रहा है। वहीं, यूरोपीय संघ और अरब देशों ने लेबनान के इस राजनयिक तरीके का समर्थन किया है। हालांकि, हिजबुल्लाह प्रमुख नइम कासिम ने इसराइल के साथ सीधी बातचीत को गलत बताया है।

सीमा पर हमले और जान-माल का नुकसान

हाल के दिनों में सीमा पर तनाव बढ़ा है। 29 अप्रैल 2026 को एक हमले में दक्षिण लेबनान में पांच लोग मारे गए, जिनमें तीन मेडिकल कर्मी भी शामिल थे। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस घटना को युद्ध अपराध कहा है। दूसरी ओर, इसराइल की सेना (IDF) ने दावा किया कि हिजबुल्लाह ने इसराइल की तरफ दो मिसाइलें दागीं, जिनमें से एक को रोक लिया गया। इसके अलावा, एक ड्रोन को भी मार गिराया गया। 28 अप्रैल को एक ड्रोन हमले में इसराइल के रक्षा मंत्रालय का एक कॉन्ट्रैक्टर मारा गया और एक अन्य घायल हो गया।

लेबनान में भूख का गहराता संकट

युद्ध के कारण आम जनता की स्थिति बहुत खराब हो गई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच लेबनान के 12 लाख से ज्यादा लोग गंभीर भूख का सामना कर सकते हैं। संघर्ष की वजह से बुनियादी सुविधाओं की कमी हो गई है, जिससे बड़ी आबादी संकट में है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान और इसराइल के बीच सीजफायर कब हुआ था

लेबनान और इसराइल के बीच सीजफायर 16 और 17 अप्रैल 2026 की आधी रात को लागू हुआ था, जिसे बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा बढ़ाया गया।

लेबनान के राष्ट्रपति ने बातचीत के लिए क्या शर्त रखी है

राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा है कि बातचीत शुरू करने से पहले इसराइल को सीजफायर के नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.