लेबनान में युद्ध के बीच एक बड़ी खबर आई है। इजरायली हमलों में तबाह हुए दक्षिण लेबनान के मुख्य रास्तों और पुलों को फिर से खोल दिया गया है। सरकार अब देश को फिर से जोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि लोग अपने घरों तक पहुँच सकें। इस खबर के बाद हजारों विस्थापित लोग वापस अपने इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं।

रास्तों को खोलने की प्रक्रिया क्या है?

लेबनान के सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 को सुबह 3 बजे से मैदान में उतरकर काम शुरू किया था। लेबनानी सेना और UNIFIL की इजाजत से खराब सड़कों और पुलों की मरम्मत की गई। सबसे जरूरी कस्मीये पुल (Qasmiyeh bridge) को आंशिक रूप से चालू कर दिया गया है ताकि गाड़ियाँ निकल सकें। इजराइल ने लिटानी नदी के सभी पुलों को नष्ट कर दिया था ताकि दक्षिण इलाके को देश के बाकी हिस्सों से अलग किया जा सके।

युद्धविराम और लोगों की वापसी का क्या हाल है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बाद 17 अप्रैल से 10 दिन का युद्धविराम लागू हुआ था। इसके बाद हजारों विस्थापित लोग अपने घरों को लौटने लगे। हालांकि इजराइल, लेबनानी सेना और हिजबुल्लाह तीनों ने लोगों को अभी वापस न लौटने की सलाह दी थी। सुरक्षा कारणों से यह चेतावनी दी गई थी, लेकिन लोग फिर भी अपने घरों की ओर जा रहे हैं। हिजबुल्लाह ने कहा है कि वे इजरायली उल्लंघनों पर नजर रख रहे हैं।

हालिया हमलों और नुकसान का विवरण

युद्धविराम लागू होने से पहले और उसके दौरान कई दुखद घटनाएँ हुईं। नीचे दी गई टेबल में मुख्य जानकारी दी गई है:

घटना विवरण असर
सूर (Sour) हमला रिहायशी इलाके पर हमला 11 मौत, 35 घायल
मेडिकल टीम हमला तीन मेडिकल टीमों को निशाना बनाया 4 मौत, 6 घायल
पुलों की तबाही लिटानी नदी के सभी पुल नष्ट किए दक्षिण लेबनान पूरी तरह अलग हुआ
युद्धविराम उल्लंघन इजरायली सेना द्वारा नियम तोड़ना लेबनानी सेना ने रिपोर्ट किया
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.