लेबनान सरकार ने इजरायली हमले में अपने तीन पत्रकारों की मौत के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में शिकायत दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। 28 मार्च 2026 को दक्षिण लेबनान के Jezzine इलाके में हुए एक हवाई हमले में तीन पत्रकारों की जान चली गई थी। लेबनान के राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय नियमों का सीधा उल्लंघन बताया है।

हमला कब हुआ और इसमें किन लोगों की जान गई?

यह घटना 28 मार्च 2026 को हुई जब दक्षिण लेबनान के Jezzine में एक कार को निशाना बनाकर हवाई हमला किया गया। इस हमले में मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों की मौत हो गई। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे एक गंभीर अपराध कहा है। उनका कहना है कि पत्रकार आम नागरिक होते हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत विशेष सुरक्षा मिलनी चाहिए।

नाम मीडिया संस्थान कार्य
Ali Choeib Al-Manar युद्ध संवाददाता
Fatima Ftouni Al-Mayadeen पत्रकार
Mohammad Ftouni Al-Mayadeen कैमरामैन

लेबनान सरकार का अगला कदम क्या होगा?

लेबनान के सूचना मंत्री Paul Morcos ने स्पष्ट किया है कि लेबनान इस मामले को लेकर UNSC में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगा। इस शिकायत में मुख्य रूप से सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1738 का हवाला दिया गया है, जो युद्ध क्षेत्र में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

  • संसद अध्यक्ष Nabih Berri ने इसे एक पूर्व नियोजित युद्ध अपराध करार दिया है।
  • हिजबुल्लाह ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कार्रवाई की मांग की।
  • इजरायली सेना ने दावा किया कि एक पत्रकार उनकी विरोधी यूनिट से जुड़ा था, हालांकि कोई सबूत नहीं दिया गया।
  • लेबनान का विदेश मंत्रालय अब इस शिकायत को आधिकारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र को सौंपेगा।

यह शिकायत अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को उठाने और इजरायल पर दबाव बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। लेबनान के अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के हमलों को रोकना जरूरी है ताकि भविष्य में मीडियाकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।