लेबनान के दक्षिणी हिस्से में UNIFIL शांति सैनिकों पर एक बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में फ्रांस का एक सैनिक मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब सैनिक विस्फोटक सामग्री हटा रहे थे। इस मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है।
हमले में क्या हुआ और कौन постраहित हुए?
यह हमला 18 अप्रैल 2026 को लेबनान के घंदुरिया गांव में हुआ। UNIFIL की टीम वहां विस्फोटक हटा रही थी, तभी उन पर छोटे हथियारों से अचानक हमला किया गया। इस हमले में फ्रांसीसी स्टाफ सार्जेंट फ्लो्रियन मोंटोरियो की जान चली गई और तीन अन्य सैनिक घायल हुए। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने इस घटना की पुष्टि की और इसे एक सोची-समझी साजिश बताया।
Hezbollah और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?
UNIFIL और फ्रांस का मानना है कि इस हमले के पीछे Hezbollah का हाथ है। हालांकि, Hezbollah ने इन आरोपों को गलत बताया है और किसी भी संबंध से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि लेबनानी सेना की जांच पूरी होने तक जल्दबाजी में आरोप न लगाए जाएं। वहीं, भारत ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग की है।
| संस्था/देश | कदम और प्रतिक्रिया |
|---|---|
| UNIFIL | हमले की निंदा की और अपनी जांच शुरू की |
| Hezbollah | हमले से किसी भी संबंध होने से इनकार किया |
| फ्रांस | Hezbollah को जिम्मेदार माना और दोषियों की गिरफ्तारी मांगी |
| लेबनान सरकार | जांच के आदेश दिए और दोषियों को सजा देने का वादा किया |
| भारत | हमले की निंदा की और तुरंत जांच की मांग की |
