लेबनान जंग से सीरिया हुआ परेशान, राष्ट्रपति अहमद अल-शारा का बड़ा बयान, डोनाल्ड ट्रम्प के शांति प्रयासों की की तारीफ

लेबनान में चल रही जंग की वजह से अब सीरिया भी मुश्किलों में घिर गया है। सीरिया के राष्ट्रपति Ahmed al-Sharaa ने साफ कहा है कि इस लड़ाई का सीधा असर उनके देश पर पड़ रहा है। उन्होंने अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम में बोलते हुए कहा कि इस तनाव के बीच सीरिया तटस्थ रहने का रास्ता चुन रहा है ताकि शांति बनी रहे। उन्होंने जंग रोकने के लिए Donald Trump द्वारा की गई कोशिशों की सराहना भी की है।

लेबनान जंग का सीरिया पर क्या असर हुआ है?

लेबनान में बढ़ते संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में लोग अपनी जान बचाने के लिए सीरिया पहुंचे हैं। इससे सीरिया के सीमित संसाधनों और बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव बढ़ा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHCR) ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। नीचे दी गई टेबल में विस्थापित लोगों का विवरण दिया गया है:

विवरण संख्या/असर
कुल विस्थापित लोग (मार्च-अप्रैल 2026) 2,77,000 से अधिक
सीरियाई नागरिक लगभग 2,34,000
लेबनानी नागरिक लगभग 43,000
मुख्य समस्या बुनियादी ढांचे पर दबाव और तेल की बढ़ती कीमतें

राष्ट्रपति अहमद अल-शारा का क्या रुख है?

राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने स्पष्ट किया है कि उनका देश क्षेत्रीय संघर्षों से दूर रहना चाहता है। उन्होंने इराक और लेबनान द्वारा हिजबुल्लाह को निरस्त्र करने के प्रयासों का समर्थन किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सीरिया हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी प्रतिशोध की भावना को नहीं भूला है। सुरक्षा कारणों से मार्च 2026 में सीरिया ने लेबनान सीमा पर अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी थी।

डोनाल्ड ट्रम्प और युद्धविराम का क्या अपडेट है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 16 अप्रैल 2026 को इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की। इस फैसले के बाद दक्षिण लेबनान से विस्थापित लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि युद्धविराम के बावजूद उनके सैनिक दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तैनात रहेंगे। सीरियाई राष्ट्रपति ने भी अमेरिकी दूत बराक के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की है।