Lenskart विवाद: चश्मे तोड़कर किया गया विरोध, कंपनी ने मांगी माफ़ी, शेयरों में आई गिरावट

Lenskart कंपनी इन दिनों बड़े विवाद में फंसी हुई है। सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ बायकाट अभियान चलाया जा रहा है और लोग विरोध में चश्मे तोड़ रहे हैं। यह पूरा मामला कंपनी के अंदरूनी नियमों में धार्मिक भेदभाव के आरोपों के बाद शुरू हुआ।

Lenskart विवाद की असली वजह क्या थी?

यह विवाद एक वायरल डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ जो कंपनी का पुराना ट्रेनिंग नोट था। आरोप लगा कि इसमें हिंदू धार्मिक चिन्हों जैसे तिलक और बिंदी को लेकर पाबंदी थी जबकि हिजाब और पगड़ी की अनुमति दी गई थी। इस भेदभाव की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और कंपनी के खिलाफ मुहिम शुरू हो गई।

विरोध के दौरान क्या-क्या हुआ?

सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए जिनमें लोग Lenskart के चश्मे तोड़ते नजर आए। रायपुर और मुंबई के शोरूम में प्रदर्शनकारी पहुंचे और वहां चश्मे तोड़ दिए। कुछ लोगों ने कर्मचारियों को जबरन तिलक भी लगाया। इस विवाद का सीधा असर बाजार पर पड़ा और Lenskart के शेयरों में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई।

Peyush Bansal ने क्या सफाई दी?

कंपनी के फाउंडर Peyush Bansal ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना था और अब लागू नहीं है। कंपनी ने सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगी और एक नया स्टाइल गाइड जारी किया। नए नियमों के मुताबिक अब कर्मचारी बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक चिन्ह पहन सकते हैं।