दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने रविवार को लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर शब्बीर अहमद लोन को 5 दिनों के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की हिरासत में भेज दिया है। शब्बीर पर सुप्रीम कोर्ट जैसी संवेदनशील जगहों पर भारत विरोधी पोस्टर चिपकाने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश करेगी।

कौन है शब्बीर अहमद लोन और क्या हैं उस पर आरोप?

शब्बीर अहमद लोन को ‘राजा’ या ‘कश्मीरी’ के नाम से भी जाना जाता है और वह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले के कंगन का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शब्बीर लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रशिक्षित आतंकी है जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहा था। वह हाल ही में नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था और उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से नेपाल का सिम कार्ड और विदेशी मुद्रा भी बरामद की है।

आतंकी नेटवर्क और मामले से जुड़ी बड़ी बातें

पुलिस जांच में सामने आया है कि शब्बीर इस मॉड्यूल का नौवां आरोपी है। इससे पहले इस गिरोह के आठ और लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से सात बांग्लादेशी नागरिक हैं। शब्बीर के पुराने रिकॉर्ड और उसके नेटवर्क के बारे में कुछ अहम जानकारियां नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
पिछला रिकॉर्ड 2007 में AK-47 के साथ पकड़ा गया था, 2018 में जेल से छूटा था
नेटवर्क का विस्तार बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल तक फैला है इसका नेटवर्क
पाकिस्तानी हैंडलर अबू हुज़ैफ़ा और अब्दुल रहमान जैसे हैंडलर्स के संपर्क में था
मुख्य आरोप सुप्रीम कोर्ट के पास पोस्टर लगवाना और आतंकियों की भर्ती करना
अदालत का आदेश परिवार को WhatsApp के जरिए गिरफ्तारी की सूचना देने का निर्देश

पूछताछ में खुल सकते हैं कई बड़े राज

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोर्ट को बताया कि शब्बीर अहमद लोन से पूछताछ करना बहुत जरूरी है ताकि यह पता चल सके कि भारत में उसके और कौन-कौन से साथी छिपे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर भारत में नए लोगों की भर्ती करने की योजना बना रहा था। कोर्ट ने पुलिस को 5 दिनों की मोहलत दी है, जिसके दौरान उसे उन जगहों पर ले जाया जा सकता है जहां उसने रेकी की थी या पोस्टर लगवाए थे।