बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले प्रोफेसर संजीव धारी सिन्हा पिछले 14 सालों से लीबिया में फंसे हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से भारत वापसी के लिए मदद की अपील की है। संजीव धारी सिन्हा का आरोप है कि वह वहां बंधक जैसी स्थिति में रह रहे हैं और उन्हें काफी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक संजीव धारी सिन्हा ने भारत सरकार से सुरक्षित वापसी और न्याय दिलाने का अनुरोध किया है।

प्रोफेसर संजीव धारी सिन्हा लीबिया में क्यों फंसे हैं?

संजीव धारी सिन्हा लीबिया की त्रिपोली यूनिवर्सिटी और एलमेरगिब यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी के प्रोफेसर के तौर पर काम करते थे। उनकी मुख्य समस्या वहां की सरकार से एग्जिट वीजा प्राप्त करना है। उनके अनुसार लीबियाई अधिकारी उन्हें भारत आने के लिए जरूरी वीजा नहीं दे रहे हैं। संजीव ने आरोप लगाया कि उन्हें वहां बंधक बना लिया गया है और उन्हें घर नहीं लौटने दिया जा रहा है। इसके अलावा उनकी सैलरी का बकाया भी एक बड़ा मुद्दा रहा है जिसके लिए वह लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।

भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से अब तक क्या जानकारी मिली?

संजीव धारी सिन्हा की ओर से किए गए इस ताजा अपील पर भारत सरकार या विदेश मंत्रालय की तरफ से फिलहाल कोई नया बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि इस साल की शुरुआत में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने लीबियाई अधिकारियों से मुलाकात की थी लेकिन उसमें किसी व्यक्तिगत मामले पर चर्चा की पुष्टि नहीं हुई थी। संजीव के परिवार और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले को पहले भी मानवाधिकार आयोग के सामने उठाया था।

  • नाम: प्रोफेसर संजीव धारी सिन्हा
  • स्थान: पटना, बिहार
  • कितने समय से फंसे: 14 साल
  • मुख्य मांग: सुरक्षित भारत वापसी और एग्जिट वीजा
  • आरोप: प्रताड़ना और बंधक जैसी स्थिति
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com