Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर तनाव बढ़ गया है. अब इस मामले में Lithuania ने अपनी एंट्री की है और वहां अपने सैनिक भेजने की तैयारी कर ली है. अमेरिका के बुलावे पर Lithuania अब समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा ताकि व्यापारिक जहाजों को कोई दिक्कत न हो.
Lithuania का क्या प्लान है और कितने सैनिक जाएंगे?
Lithuania की State Defence Council ने आधिकारिक तौर पर 40 सैनिकों और नागरिक रक्षा कर्मियों को भेजने की मंजूरी दे दी है. यह फैसला राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा लिया गया है, लेकिन अब इस पर Lithuania की संसद यानी Seimas की मुहर लगना बाकी है. राष्ट्रपति के प्रवक्ता Ridas Jasiulionis ने कन्फर्म किया कि यह फैसला लिखित रूप में लिया गया है. इसके अलावा, राष्ट्रपति Gitanas Nausėda ने बताया कि Lithuania अमेरिका को अपनी सैन्य बुनियादी सुविधाओं और लॉजिस्टिक मदद देने के लिए भी तैयार है.
इस मिशन में और कौन से देश शामिल हैं और ईरान का क्या कहना है?
अमेरिका ने एक नया अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाया है जिसे “Maritime Freedom Construct” कहा जा रहा है. इस मिशन में करीब 40 देश शामिल हो सकते हैं. UK ने अपना destroyer जहाज HMS Dragon और France ने अपना परमाणु संचालित विमानवाहक पोत Charles de Gaulle इस इलाके में तैनात कर दिया है. वहीं, ईरान इस पूरे मामले में काफी गुस्से में है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि अमेरिका की मांगें नाजायज हैं. ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने चेतावनी दी है कि अगर विदेशी युद्धपोत वहां तैनात हुए, तो उन्हें तुरंत और कड़ा जवाब दिया जाएगा.
हालिया स्थिति क्या है और UN का क्या स्टैंड है?
तनाव के बीच 10 मई 2026 को एक बड़ी खबर आई जब कतर की कंपनी का एक LNG टैंकर ‘Al-Kharaitiyat’ सफलतापूर्वक Strait of Hormuz से गुजर गया. संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहला मौका था जब कोई जहाज वहां से निकला. दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव António Guterres ने सभी देशों से अपील की है कि समुद्री रास्तों को खुला रखा जाए और नेविगेशन के अधिकारों का सम्मान किया जाए.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Lithuania Strait of Hormuz में सैनिक क्यों भेज रहा है?
अमेरिका के निमंत्रण पर Lithuania एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बन रहा है ताकि समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
ईरान ने विदेशी जहाजों को लेकर क्या चेतावनी दी है?
ईरान ने स्पष्ट किया है कि अगर UK और France जैसे देशों के युद्धपोत इस क्षेत्र में तैनात हुए, तो उन्हें निर्णायक और तुरंत जवाब दिया जाएगा.
