पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी खबर आई है। LNG ले जाने वाला जहाज Disha सुरक्षित तरीके से Strait of Hormuz को पार कर गुजरात के Dahej Port पहुँच गया है। इस जहाज में 62,370 मीट्रिक टन LNG लदा हुआ था, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम है।

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यह जहाज 15 जून 2026 को Strait of Hormuz से गुजरा था। Ministry of Ports, Shipping and Waterways (MoPSW) के डायरेक्टर ओपेश कुमार शर्मा ने 18 जून को जानकारी दी कि Malta का झंडा लिए इस जहाज के 19 जून को Dahej Port पर रुकने की उम्मीद थी। इस जहाज का मैनेजमेंट Shipping Corporation of India के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम के पास है और इसे Petronet LNG Ltd ने चार्टर किया था।

तीन महीने बाद खुला रास्ता

28 फरवरी 2026 से पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात थे, जिसकी वजह से जहाजों का आना-जाना बहुत मुश्किल हो गया था। अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक अंतरिम शांति समझौते के बाद अब धीरे-धीरे रास्ता खुला है। Disha पिछले तीन महीनों में ‘वॉर ज़ोन’ से बाहर निकलने वाला पहला भारतीय LNG जहाज बन गया है।

नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार का कदम

भारत सरकार और DG Shipping ने समुद्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए लगातार कोशिशें की हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक:

  • DG Shipping के कंट्रोल रूम ने कुल 13,187 कॉल और 29,376 ईमेल का जवाब दिया।
  • सिर्फ 18 जून से पहले के 72 घंटों में 450 कॉल और 1,077 ईमेल आए थे।
  • सरकार ने अब तक 3,639 से ज़्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित उनके घर पहुँचाया है, जिनमें से 47 नाविक पिछले 3 दिनों के भीतर वापस आए।

नए नियम और वर्तमान स्थिति

ईरान ने मई 2026 में Persian Gulf Strait Authority (PGSA) नाम की एक संस्था बनाई थी। अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को मंजूरी लेनी होगी और इसके लिए फीस भी देनी पड़ सकती है।

हालांकि अब अन्य तेल और मालवाहक जहाजों ने भी इस रास्ते से चलना शुरू कर दिया है, लेकिन बीमा के भारी खर्च और जोखिम की वजह से शिपिंग कंपनियाँ अब भी काफी सावधानी बरत रही हैं। फिलहाल भारत के सभी बंदरगाहों पर काम सामान्य है और कहीं भी भीड़ या जाम की स्थिति नहीं है।