LNG Market Update: दुनिया में गैस की किल्लत होगी, 2027 तक दबाव में रहेगा बाज़ार, अमेरिका-ईरान लड़ाई ने बढ़ाई मुश्किल

International Energy Agency (IEA) ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। एजेंसी के मुताबिक दुनिया भर में लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का बाज़ार 2027 तक दबाव में रह सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से गैस की सप्लाई में बड़ी रुकावट आई है और कई जगह बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे आने वाले समय में गैस की उपलब्धता कम हो सकती है।

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गैस की सप्लाई में कमी आने की बड़ी वजह क्या है?

IEA के प्रमुख फातिह बिरोल ने बताया कि दुनिया इस समय सबसे बड़े ऊर्जा संकट से गुजर रही है। मार्च की शुरुआत से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से वैश्विक LNG सप्लाई का करीब 20% हिस्सा बाज़ार से बाहर हो गया है। इसके अलावा कतर की LNG सुविधाओं पर हुए हमलों से उत्पादन क्षमता में बड़ी गिरावट आई है। कतरएनर्जी की नॉर्थ फील्ड ईस्ट विस्तार परियोजना में देरी होने से भी सप्लाई पर असर पड़ा है।

LNG सप्लाई और नुकसान का पूरा हिसाब

एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में गैस सप्लाई और होने वाले नुकसान का पूरा ब्योरा दिया है जिसे नीचे टेबल में देखा जा सकता है

विवरण अनुमानित नुकसान/असर
कुल सप्लाई नुकसान (2026-2030) 120 बिलियन क्यूबिक मीटर (bcm)
वैश्विक अनुमानित आपूर्ति का प्रतिशत लगभग 15%
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने का असर वैश्विक सप्लाई का 20% कम
होर्मुज के जरिए मासिक नुकसान 10 bcm LNG
कतर की उत्पादन क्षमता में कमी (2030 तक) 70 bcm
कतर विस्तार परियोजना में देरी से नुकसान 20 bcm (2026-2030)
मार्च में वैश्विक उत्पादन में गिरावट 8% (साल-दर-साल)

एशिया और यूरोप के बाज़ारों पर क्या असर होगा?

गैस की कमी की वजह से एशिया और यूरोप में गैस की कीमतें जनवरी 2023 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। कतर और UAE से होने वाले निर्यात में कमी आने से इन क्षेत्रों में महंगाई बढ़ी है। हालांकि उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में नए प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं जिससे भविष्य में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन 2026 और 2027 तक बाज़ार तंग ही रहेगा। मौजूदा हालात को देखते हुए कई देशों ने गैस की मांग कम करने के उपाय शुरू कर दिए हैं।