पाकिस्तान में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में फिर से उछाल देखा जा रहा है जिसके बाद अधिकारियों ने लॉकडाउन लागू कर दिया है। कोरोना वायरस संक्रमण की दर तेजी से बढ़ने और इसके 11 प्रतिशत के पार पहुंचने के बाद अधिकारियों ने राजधानी इस्लामाबाद तथा देश के अन्य अति-संवेदनशील इलाकों में सोमवार को आंशिक लॉकडाउन लागू कर दिया।

 

अधिकारियों ने कहना है कि हालात पिछले साल महामारी फैलने के समय से भी ज्यादा बुरे हैं। अधिाकारियों ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये सोमवार को पूर्वी पंजाब प्रांत के अति संवेदनशील इलाकों में एक अप्रैल से दो सप्ताह का आंशिक लॉकडाउन लगाने का भी ऐलान किया था।

पाकिस्तान सरकार पहले से ही बुरे दौर से गुजर रही अपनी अर्थव्यवस्था को और नुकसान होने से बचाने के लिये अब तक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू करने से बचती रही है। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 4,525 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 41 रोगियों की मौत हुई है। पाकिस्तान में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 659,116 मामले सामने आ चुके हैं। महामारी से 14,256 लोगों की मौत हो चुकी है।

Is Islamabad on its way to becoming the next Mohenjo Daro?

बता दें कि हाल ही में थोड़े दिन पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी कोरोना से संक्रमित हुए थे। कोरोना से संक्रमित होने के बावजूद उन्होंने अपनी मीडिया टीम के सामने मौजूद होकर बैठक ली। इस खबर के सामने आने के बाद उनकी जमकर किरकिरी हो रही है। विपक्ष लगातार उनकी आलोचना कर रहा है। इसके बाद वह आवाम के निशाने पर भी आ गए हैं। गौररतलब है कि पिछले शनिवार को इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

 

बात भारत की:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि कोरोनावायरस के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल का पालन ना करने की वजह से ऐतिहासिक बढ़ोतरी संक्रमण के मामलों में महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है अतः अब केवल पूर्व की भांति अति कठोर लॉकडाउन ही एकमात्र उपाय है. उनके आदेश के अनुसार आज रात 8:00 बजे के बाद से मॉल और बाकी अन्य सारे संस्थान बंद कर दिए जाएंगे वही सरकारी दफ्तरों की बात करें तो बाहरी लोगों का वहां पर आना और प्रतिबंधित हो गया है केवल ज्यादा से ज्यादा 50% कैपेसिटी के साथ केवल सरकारी अफसर ही काम कर सकेंगे.

दिल्ली की सरकार का मानना है कि कोरोनावायरस में लॉकडाउन कोई बहुत बड़ा समाधान नहीं है इसे एक नए नॉर्मल के तौर पर लेकर लड़ने की और इससे आगे निकलने की जरूरत है बार-बार लॉकडाउन लगाकर इस समस्या से कभी भरा नहीं जा सकता हालांकि सरकार ने यह जरूर कहा कि लोग एतिहाद के तौर पर बनाए गए प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से करें.

कई बड़े शहर जैसे नासिक इत्यादि में कर्फ्यू का ऐलान वहां के स्थानीय प्रशासन ने पहले ही कर दिया है मामले को गंभीर रूप से लेते हुए संक्रमण को और आगे बढ़ाने का प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है.