London में यहूदी केंद्रों पर आगजनी, पुलिस को ईरान के एजेंटों का शक, जांच शुरू

लंदन के उत्तरी इलाकों में यहूदियों के कई धार्मिक और सामाजिक केंद्रों पर आगजनी की वारदातें हुई हैं। ब्रिटेन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन हमलों के पीछे ईरान के गुर्गे तो नहीं थे। पुलिस ने इसके लिए काउंटर टेररिज्म टीम को लगाया है ताकि जल्द से जल्द सच का पता लगाया जा सके।

कहाँ-कहाँ हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?

लंदन के अलग-अलग इलाकों में कई जगहों को निशाना बनाया गया। इनमें सिनेगॉग यानी यहूदी प्रार्थना स्थल और एम्बुलेंस सेवा शामिल थीं। पुलिस ने बताया कि इन वारदातों में कुछ जगहों पर मामूली नुकसान हुआ है, जबकि कुछ जगहों पर आग काफी ज्यादा थी। हमलों की पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

तारीख जगह क्या हुआ
19 अप्रैल 2026 से पहले केंटन यूनाइटेड सिनेगॉग आगजनी से मामूली नुकसान हुआ
शुक्रवार रात यहूदी फ्यूचर्स चैरिटी (हेंडन) आग लगाने की कोशिश की गई
बुधवार फिंचली रिफॉर्म सिनेगॉग आगजनी हुई, दो लोग गिरफ्तार हुए
23 मार्च 2026 हत्ज़ोला एम्बुलेंस (गोल्डर्स ग्रीन) एम्बुलेंस्स में आग लगाई गई
मार्च 2026 ऑनलाइन दुनिया हरकत असहाब अल-यमीन अल-इस्लामिया ग्रुप सामने आया
अक्टूबर 2025 तक ब्रिटेन MI5 ने ईरान समर्थित 20 साजिशें नाकाम कीं

सरकार और पुलिस ने क्या कहा?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इन हमलों को बेहद घटिया बताया और कहा कि यह सीधे तौर पर ब्रिटेन पर हमला है। पुलिस की डिप्टी असिस्टेंट कमिश्नर विकी इवांस ने बताया कि एक संदिग्ध ग्रुप ‘हरकत असहाब अल-यमीन अल-इस्लामिया’ ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या ईरान ने स्थानीय अपराधियों को पैसे देकर ये काम करवाया है।

चीफ रब्बी एफ्रेम मिरविस ने इसे यहूदी समुदाय के खिलाफ हिंसा और डराने की एक बड़ी साजिश बताया है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस ने उत्तर-पश्चिम लंदन के उन इलाकों में गश्त बढ़ा दी है जहाँ यहूदी आबादी ज़्यादा है।