लंदन में 30 जुलाई 2026 को पाकिस्तानी प्रशासित कश्मीर के लोगों के समर्थन में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। यह मार्च Speakers Corner से शुरू होकर Pakistan High Commission तक गया। प्रदर्शन का आयोजन Joint Awami Action Committee (JAAC) द्वारा किया गया था और पुलिस के अनुमान के अनुसार इसमें करीब 3,000 लोग शामिल हुए। इस दौरान यातायात प्रभावित होने की संभावना भी जताई गई थी।
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प्रदर्शन के कारण और स्थिति
यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ है जब पाकिस्तानी प्रशासित कश्मीर में क्षेत्रीय चुनावों को लेकर भारी तनाव है। JAAC का दावा है कि सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। संगठन के सदस्य Sardar Umar Nazir ने आरोप लगाया कि सोमवार को वोटिंग के पहले चरण के दौरान 20 समर्थकों की मौत हुई और उसके अगले दिन रावलकोट और मीरपुर जैसे इलाकों में 10 और लोग मारे गए।
प्रशासन का रुख और सुरक्षा व्यवस्था
पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस हिंसा पर जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को एक सुरक्षाकर्मी की मौत हुई और पांच अन्य घायल हुए। प्रशासन ने मीरपुर में कम से कम तीन प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की बात भी मानी है। इन चुनावों को सुरक्षा कारणों से तीन चरणों में बांटा गया है। वहीं, Amnesty International ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की खबरों को गंभीर बताते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है और क्षेत्र में संचार व्यवस्था बहाल करने पर जोर दिया है। विरोध प्रदर्शन के चलते लंदन स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन ने दोपहर 1 बजे के बाद अपनी काउंसलर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं।
