ब्रिटेन की राजधानी लंदन में 30 से ज़्यादा देशों के सैन्य अधिकारी एक अहम बैठक कर रहे हैं। इस मीटिंग का मकसद Strait of Hormuz को फिर से खोलना और वहां जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है। यह बातचीत बुधवार, 22 अप्रैल 2026 से शुरू हुई है ताकि इलाके में शांति बहाल की जा सके।

लंदन की बैठक का क्या है मकसद?

ब्रिटेन और फ्रांस इस पूरे मिशन की अगुवाई कर रहे हैं। ब्रिटिश डिफेंस मिनिस्टर John Healey ने बताया कि उनका मुख्य काम अब डिप्लोमैटिक सहमति को एक जॉइंट प्लान में बदलना है। वे चाहते हैं कि एक स्थायी युद्धविराम हो और समुद्र में नेविगेशन की आज़ादी बनी रहे। ब्रिटेन और फ्रांस ने साफ़ किया है कि उनकी सेना केवल बचाव के लिए होगी और इसे शांति समझौते के बाद ही सक्रिय किया जाएगा।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद है?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने 18 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz को बंद कर दिया था। ईरान का आरोप था कि अमेरिका ने सीज़फायर के नियमों को तोड़ा है और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की है। ईरान ने कहा कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी खत्म नहीं होती, तब तक यह रास्ता बंद रहेगा। इससे पहले ईरान ने जहाजों को ‘दोस्ताना’, ‘न्यूट्रल’ और ‘दुश्मन’ श्रेणियों में बांटा था।

अब आगे क्या होगा?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer और चांसलर Rachel Reeves ने कहा है कि वे बातचीत और तनाव कम करने के रास्ते पर चल रहे हैं। सैन्य अधिकारी अब इस बात का आकलन कर रहे हैं कि युद्ध रुकने के बाद इस रास्ते को सुरक्षित कैसे बनाया जाए। इससे पहले 17 अप्रैल को फ्रांस और ब्रिटेन की सह-अध्यक्षता में 51 देशों की एक अंतरराष्ट्रीय शिखर बैठक भी हुई थी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.