भारत में आम जनता के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बदलाव हुआ है। 7 जून 2026 से देश में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, एक सिलेंडर को घर तक पहुंचाने का असली खर्च अब 1,600 रुपये से भी अधिक हो गया है। इस बढ़ते खर्च के बावजूद, सरकार और सरकारी तेल कंपनियां मिलकर प्रति सिलेंडर करीब 700 रुपये का घाटा खुद उठा रही हैं ताकि आम लोगों पर बहुत ज्यादा आर्थिक बोझ न पड़े।

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सऊदी अरामको के दाम बढ़ने से भारत में पड़ा असर

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में चल रही दिक्कतों की वजह से सऊदी अरामको का कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) फरवरी से अब तक करीब 46 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इसी वजह से भारत में गैस आयात करना महंगा हो गया है। तीन महीने में यह दूसरी बार है जब घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़े हैं, इससे पहले 7 मार्च को भी कीमतें 60 रुपये बढ़ाई गई थीं।

नीचे दी गई तालिका से समझिए कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रति टन गैस के दाम किस तरह बढ़े हैं:

महीना (वर्ष 2026) सऊदी अरामको दर (प्रति टन) स्थिति
फरवरी 542.50 USD सामान्य स्थिति
अप्रैल 775.00 USD दामों में भारी उछाल
जून 790.00 USD रिकॉर्ड स्तर पर दाम

आम उपभोक्ता और उज्ज्वला लाभार्थियों को कितने में मिलेगा सिलेंडर?

इस समय दिल्ली में आम उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर 942 रुपये में मिल रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को सरकार की तरफ से 300 रुपये की सीधी सब्सिडी दी जाती है, जिससे उन्हें यह सिलेंडर दिल्ली में केवल 642 रुपये का पड़ता है। सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत सालाना 9 सिलेंडरों तक इस सब्सिडी को मार्च 2026 तक जारी रखने का फैसला किया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में घरेलू गैस पर कुल सरकारी घाटा (under-recovery) बढ़कर 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले साल 41,338 करोड़ रुपये था। इस घाटे की भरपाई के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने सरकारी तेल विपणन कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की मंजूरी दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत में रसोई गैस के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। सऊदी अरामको के गैस दाम फरवरी से जून के बीच 46 प्रतिशत तक बढ़े हैं, जिससे भारत में आयात का खर्च बढ़ गया है।

उज्ज्वला योजना के ग्राहकों को प्रति सिलेंडर कितनी सब्सिडी मिलती है?

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सरकार की तरफ से प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है। इस सब्सिडी के बाद दिल्ली में उन्हें सिलेंडर 642 रुपये में मिल रहा है।

सरकार और तेल कंपनियां प्रति सिलेंडर कितना नुकसान उठा रही हैं?

घरेलू गैस सिलेंडर की असली आपूर्ति लागत 1,600 रुपये से अधिक है, लेकिन सरकार और तेल कंपनियां प्रति सिलेंडर करीब 700 रुपये का घाटा खुद झेल रही हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.