लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार, 22 जून 2026 को एक इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 4 लोगों की मौत की आशंका है, जिनके शरीर बुरी तरह झुलस चुके हैं। आग इतनी भयानक थी कि कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इमारत से नीचे कूद गए।
इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं। इनमें से दो लोगों को इलाज के लिए King George’s Medical University (KGMU) Trauma Centre ले जाया गया है, जबकि करीब 15 अन्य घायलों के वहां पहुंचने की उम्मीद है। बताया गया कि आग से बचने के लिए 7 से 8 लोग पहली मंजिल से नीचे कूदे, जिनमें से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने 5 से 6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
शुरुआती खबरों में इस इमारत को कोचिंग सेंटर बताया गया था, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि इस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप थी और ऊपर की मंजिल पर एक गेमिंग ज़ोन था, जहां सॉफ्टवेयर से जुड़े कर्मचारी काम करते थे। इस इमारत में लाइब्रेरी और कंप्यूटर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट भी मौजूद था।
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने संज्ञान लिया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने, लोगों को बाहर निकालने और घायलों को सही इलाज दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर मुस्तैद रहने और लगातार निगरानी रखने को कहा।
उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने भी घटनास्थल का दौरा किया और बचाव कार्य की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि फिलहाल ऊपरी मंजिल पर कोई फंसा नहीं है और कमरे-कमरे की तलाशी ली जा रही है।
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम तुरंत पहुंची। कुल 14 फायर टेंडर और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म गाड़ी तैनात की गई। दमकल कर्मियों ने पहली मंजिल पर दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया ताकि फंसे हुए लोगों को निकाला जा सके।
आग लगने के सटीक कारण का अभी पता नहीं चला है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह किसी शॉर्ट सर्किट या स्पार्क की वजह से हुआ होगा। माना जा रहा है कि आग पहले बिल्डिंग के निचले हिस्से में लगी और फिर तेजी से ऊपर की ओर फैल गई।
