लुटियंस दिल्ली के टालतोरा गोल चक्कर पर एक शानदार क्लॉक टावर बनाया जा रहा है ताकि इस इलाके को एक नई पहचान मिल सके। लेकिन इस प्रोजेक्ट का इंतज़ार अब और बढ़ गया है क्योंकि इसकी समय सीमा एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है। New Delhi Municipal Council (NDMC) के मुताबिक अब यह काम जून 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।

क्लॉक टावर का काम कब तक पूरा होगा और कितनी प्रगति हुई है?

इस प्रोजेक्ट की समय सीमा पहले कई बार बदली जा चुकी है और अब इसे जून 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 तक लगभग 60% काम पूरा हो चुका है। इस पूरे प्रोजेक्ट को बनाने में करीब 1.3 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है।

निर्माण कार्य में देरी के मुख्य कारण क्या रहे?

  • GRAP के नियम: सर्दियों के दौरान लागू होने वाले Graded Response Action Plan (GRAP) की वजह से निर्माण कार्य को रोकना पड़ा।
  • ज़मीन की समस्या: नींव डालने के दौरान पथरीली ज़मीन मिलने के कारण काम में काफी मुश्किलें आईं और समय ज़्यादा लगा।

इस क्लॉक टावर की बनावट और खासियतें क्या हैं?

यह टावर 27 मीटर ऊंचा होगा और इसका आकार अष्टकोणीय (octagonal) रखा गया है। इसमें 2 मीटर व्यास वाली एक बड़ी घड़ी लगाई जाएगी। इसकी डिज़ाइन में मुगल, राजपूत और औपनिवेशिक (colonial) वास्तुशिल्प का मिश्रण देखने को मिलेगा। इसमें मिट्टी की ईंटों की लेयरिंग और सजावटी बारीकियों का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही आसपास के क्षेत्र में ग्रेनाइट फ्लोरिंग, स्टील रेलिंग और मार्बल का काम किया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट की परिकल्पना Lieutenant Governor VK Saxena ने की थी और उन्होंने 11 अगस्त 2025 को इसकी आधारशिला रखी थी। इस पूरे डिज़ाइन और योजना को Delhi Urban Art Commission (DUAC) ने अपनी मंज़ूरी दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लुटियंस दिल्ली के क्लॉक टावर का काम किसने शुरू करवाया था

इस प्रोजेक्ट की परिकल्पना Lieutenant Governor VK Saxena ने की थी और उन्होंने 11 अगस्त 2025 को इसकी नींव रखी थी।

क्लॉक टावर की डिज़ाइन कैसी होगी

यह टावर 27 मीटर ऊंचा और अष्टकोणीय होगा, जिसमें मुगल, राजपूत और ब्रिटिश दौर की वास्तुकला का मेल दिखेगा।