हज 1447 का सीजन शुरू हो चुका है और दुनिया भर से हाजी सऊदी अरब पहुंच रहे हैं। 15 मई 2026 को मैसेडोनिया के हाजियों का पहला जत्था जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा। सऊदी सरकार ने इन मेहमानों के स्वागत के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए हैं ताकि उनकी यात्रा आसान रहे।

जेद्दा एयरपोर्ट पर हाजियों के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?

General Directorate of Passports ने पुष्टि की है कि वे हाजियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एंट्री की प्रक्रिया को सरल और भरोसेमंद बनाने के लिए आधुनिक मशीनों और नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। एयरपोर्ट पर ऐसे कुशल कर्मचारी तैनात किए गए हैं जिन्हें अलग-अलग भाषाएं आती हैं, जिससे दुनिया भर से आने वाले हाजियों को बातचीत में कोई परेशानी न हो और उन्हें बेहतर सेवाएं मिल सकें।

क्या है मक्का रूट पहल और इससे हाजियों को क्या फायदा मिला?

सऊदी आंतरिक मंत्रालय ने ‘मक्का रूट पहल’ (Makkah Route Initiative) को लगातार आठवें साल लागू किया है। यह स्कीम सऊदी विजन 2030 के ‘मेहमानों की सेवा’ प्रोग्राम का हिस्सा है। इसके तहत हाजियों के अपने ही देश में बायोमेट्रिक डेटा इकट्ठा करना, इलेक्ट्रॉनिक वीजा जारी करना और पासपोर्ट की जांच जैसे काम पहले ही कर लिए जाते हैं। यह व्यवस्था 10 देशों के 17 एंट्री पॉइंट्स पर काम कर रही है, जिससे एयरपोर्ट पर लगने वाली लंबी लाइनों से छुटकारा मिला है।

किन देशों से हाजियों का आना शुरू हो गया है?

  • 19 अप्रैल 2026: सऊदी अरब ने मदीना के प्रिंस मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर पहले अंतरराष्ट्रीय हाजियों का स्वागत किया।
  • 4 मई 2026: मोरक्को से हाजियों के पहले समूह पहुंचे।
  • 9 मई 2026: सीरिया से हाजियों का आगमन शुरू हुआ।
  • 12 मई 2026: मॉरिटानिया के हाजियों के समूह सऊदी पहुंचे।
  • 15 मई 2026: मैसेडोनिया के हाजियों का पहला जत्था जेद्दा एयरपोर्ट पहुंचा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मैसेडोनिया के हाजी कब और कहां पहुंचे?

मैसेडोनिया के हाजियों का पहला जत्था 15 मई 2026 को जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचा।

मक्का रूट पहल (Makkah Route Initiative) क्या है?

यह सऊदी आंतरिक मंत्रालय की एक योजना है जिसके तहत हाजियों के बायोमेट्रिक और वीजा जैसे काम उनके अपने देश में ही पूरे कर लिए जाते हैं ताकि सऊदी पहुंचने पर उन्हें आसानी हो।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.