कुवैत पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुवैत को भारी समर्थन मिल रहा है। सोमवार 9 मार्च 2026 को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबा को फोन कर बातचीत की। इस बातचीत में फ्रांस ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की और कुवैत की सुरक्षा के लिए अपनी पूरी ताकत और संसाधन झोंकने का वादा किया है।
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फ्रांस के राष्ट्रपति ने फोन पर क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कुवैत के अमीर से बात करते हुए साफ कहा कि ईरान का हमला कुवैत की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कुवैत सरकार को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में फ्रांस उनके साथ मजबूती से खड़ा है। फ्रांस जरूरत पड़ने पर कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता के लिए हर तरह की मदद और संसाधन देने के लिए तैयार है। कुवैत के अमीर ने भी फ्रांस के इस समर्थन और एकजुटता के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
हमले में क्या नुकसान हुआ और कुवैत ने क्या कदम उठाए?
पिछले कुछ दिनों से ईरान की तरफ से कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं। इन हमलों में Kuwait International Airport के फ्यूल टैंक जैसे जरूरी ठिकानों को निशाना बनाया गया। कुवैत की सेना ने इसका कड़ा जवाब दिया है।
- कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
- हमले से बचने की इस कार्रवाई में ड्यूटी पर तैनात दो कुवैती बॉर्डर गार्ड शहीद हो गए हैं।
- हवा में नष्ट किए गए मिसाइल के टुकड़े गिरने से कुछ आम इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
- सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुवैत नेशनल ऑयल कंपनी ने कच्चे तेल का उत्पादन फिलहाल कम कर दिया है।
- कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN) को भी इस हमले की आधिकारिक जानकारी दी है।
आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश हैं?
कुवैत में रहने वाले लाखों प्रवासियों और भारतीय नागरिकों के लिए भी सरकार ने खास निर्देश जारी किए हैं। कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने सभी नागरिकों और प्रवासियों से अपील की है कि वे सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और सरकार द्वारा बताए गए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। मौजूदा अलर्ट की स्थिति में लोगों को अपने घरों और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।