मदीना के प्रिंस मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ट्यूनीशिया से हज यात्रियों की पहली फ्लाइट पहुंच गई है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) ने 7 मई 2026 को इसकी पुष्टि की। सऊदी अरब ने इस बार हज यात्रियों के लिए अपनी व्यवस्थाएं काफी आधुनिक कर दी हैं ताकि लोगों को एयरपोर्ट पर कोई परेशानी न हो।
हज 2026 के लिए क्या हैं जरूरी नियम और शर्तें?
सऊदी सरकार ने साफ किया है कि सभी यात्रियों के पास आधिकारिक परमिट होना जरूरी है। बिना परमिट के हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा उन्हें देश से निकाला जा सकता है और 10 साल तक सऊदी आने पर रोक लगाई जा सकती है। जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ पासपोर्ट्स ने कहा है कि यात्रियों के लिए एंट्री प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
- Makkah Route Initiative: इस सुविधा के जरिए यात्री अपने देश के एयरपोर्ट पर ही बायोमेट्रिक और वीजा की जांच पूरी कर लेते हैं।
- सुविधाएं: एयरपोर्ट पर अलग-अलग भाषाएं बोलने वाला स्टाफ तैनात किया गया है।
- प्रक्रिया: अब 10 देशों के 17 एंट्री पॉइंट्स पर यह आसान प्रक्रिया लागू है।
यात्रियों के लिए सेहत और बुकिंग से जुड़ी गाइडलाइन्स
सऊदी अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे केवल लाइसेंस वाले ऑपरेटरों और आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए ही बुकिंग करें ताकि किसी भी तरह के धोखे से बचा जा सके।
- टीकाकरण: यात्रा से कम से कम 10 दिन पहले जरूरी टीके लगवाना अनिवार्य है।
- जरूरी वैक्सीन: इसमें मेनिंगोकोकल डिजीज, कोविड-19 और मौसमी फ्लू के टीके शामिल हैं।
- तैयारी: मदीना एयरपोर्ट पर ट्यूनीशिया के अलावा भारत, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों की फ्लाइट्स पहले ही पहुंचनी शुरू हो चुकी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिना परमिट हज करने पर क्या सजा हो सकती है?
बिना आधिकारिक परमिट के हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है और उन्हें देश से डिपोर्ट कर 10 साल का बैन लगाया जा सकता है।
मक्का रूट इनिशिएटिव (Makkah Route Initiative) क्या है?
यह एक ऐसी व्यवस्था है जिससे यात्री अपने देश के एयरपोर्ट पर ही पासपोर्ट और वीजा की सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर लेते हैं और सऊदी पहुंचने के बाद सीधे अपने रहने की जगह जा सकते हैं।