मदीना में Mount Al-Rumah पर इन दिनों तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग यहाँ आकर जंग-ए-उहुद के ऐतिहासिक पलों को करीब से महसूस कर रहे हैं। यह पहाड़ इस्लाम के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है, जहाँ से मुस्लिम तीरंदाजों ने युद्ध के दौरान अपनी पोजीशन ली थी।

Mount Al-Rumah की खासियत और महत्व क्या है?

Mount Al-Rumah, जिसे Jabal Al-Rumah या Jabal Ainain भी कहा जाता है, मदीना के उत्तर में स्थित है। यह Prophet’s Mosque से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर है। इस पहाड़ की कुल लंबाई करीब 180 मीटर है और यहाँ पहुँचने के लिए रास्ते तैयार किए गए हैं।

  • ऐतिहासिक महत्व: यह वही जगह है जहाँ जंग-ए-उहुद के दौरान तीरंदाजों को तैनात किया गया था।
  • पर्यटकों का रुझान: तीर्थयात्री अक्सर मग़रिब की अज़ान से पहले इस पहाड़ की चोटी पर चढ़ते हैं ताकि वे युद्ध क्षेत्र को देख सकें और पैगंबर के निर्देशों को याद कर सकें।

हज्ज 2026 के नियम और मक्का में प्रवेश की शर्तें क्या हैं?

सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई 2026 को ज़ुल-हिज्जा का पहला दिन बताया है। हज्ज 1447 AH के मुख्य रीति-रिवाज़ 25 मई से 30 मई 2026 तक चलेंगे। मक्का में प्रवेश के लिए सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं।

  • परमिट की अनिवार्यता: मक्का में प्रवेश करने के लिए संबंधित अधिकारियों से आधिकारिक परमिट लेना ज़रूरी है। बिना परमिट के प्रवेश की अनुमति नहीं है।
  • वीज़ा नियम: 18 अप्रैल 2026 से केवल वैध हज्ज वीज़ा धारकों को ही मक्का में रहने या प्रवेश करने की अनुमति है।
  • Nusuk प्लेटफॉर्म: उमराह परमिट जारी करने की प्रक्रिया 18 अप्रैल से 31 मई तक के लिए रोक दी गई है।

तीर्थयात्रियों के लिए क्या इंतज़ाम किए गए हैं?

हज्ज मंत्री Tawfiq Al Rabiah के मुताबिक, अब तक 8,60,000 से ज़्यादा विदेशी तीर्थयात्री सऊदी अरब पहुँच चुके हैं। इनमें से 8,20,000 लोग हवाई मार्ग से आए हैं। सऊदी विज़न 2030 के तहत सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 100 से ज़्यादा पहल शुरू की गई हैं।

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर: मक्का और पवित्र स्थलों पर 25 विकास परियोजनाएं चल रही हैं। अराफात पर्वत के आसपास छायादार क्षेत्र बढ़ाए गए हैं।
  • डिजिटल सुविधा: पवित्र स्थलों पर 5G नेटवर्क की सुविधा होगी, जिसे 4,200 तकनीकी कर्मचारी संभालेंगे।
  • Nusuk ऐप: इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए 126 देशों के यात्री सीधे बुकिंग कर सकते हैं और यह 5 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स को सेवाएं दे रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज्ज 2026 की मुख्य तारीखें क्या हैं?

हज्ज 1447 AH के रीति-रिवाज़ 25 मई से 30 मई 2026 तक निर्धारित किए गए हैं।

मक्का में प्रवेश के लिए किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत है?

मक्का में प्रवेश के लिए Absher Individuals या Muqeem प्लेटफॉर्म के ज़रिए जारी आधिकारिक परमिट, वैध हज्ज वीज़ा या मक्का जारी रेजिडेंसी आईडी होना ज़रूरी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.