खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी Maersk ने स्वेज नहर और होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों का आना-जाना बंद कर दिया है। रविवार, 1 मार्च 2026 को कंपनी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह बड़ा फैसला लिया। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा असर पड़ने की संभावना है क्योंकि कई अन्य बड़ी कंपनियों ने भी इस क्षेत्र में अपना काम रोक दिया है।

🗞️: Kuwait Missile Attack: कुवैत में अमेरिकी दूतावास के पास उठा धुंआ, फ्लाइट्स बंद और तेल के दाम बढ़े

शिपिंग रूट बंद होने से आम आदमी पर क्या असर होगा?

शिपिंग कंपनियों के इस फैसले से दुनिया भर में सामान की कीमतों में बढ़ोतरी होने की आशंका है। इसका सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत में रहने वाले आम लोगों पर पड़ेगा। जब मुख्य रास्तों से जहाज नहीं गुजरते हैं, तो उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है जिससे खर्च बढ़ जाता है।

  • महंगा होगा पेट्रोल और डीज़ल: कच्चे तेल की कीमतों में पहले ही 10 से 13 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है और ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया है।
  • सप्लाई में होगी देरी: अब जहाजों को अफ्रीका के रास्ते घूमकर आना पड़ेगा, जिससे सामान पहुँचने में हफ़्तों की देरी होगी और शिपिंग का खर्च बढ़ेगा।
  • एक्स्ट्रा चार्ज लागू: CMA CGM जैसी कंपनियों ने प्रति कंटेनर 2,000 से 4,000 डॉलर तक का एक्स्ट्रा चार्ज लगाना शुरू कर दिया है।
  • महंगाई का खतरा: तेल और माल ढुलाई महंगी होने से रोजमर्रा की चीजों और इलेक्ट्रॉनिक सामान के दाम बढ़ सकते हैं।

मौजूदा स्थिति और व्यापार पर प्रभाव

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा दी गई चेतावनी और हाल ही में हुए हमलों के बाद समुद्र में तनाव काफी बढ़ गया है। वर्तमान में लगभग 170 कंटेनर जहाज और सैकड़ों तेल टैंकर खाड़ी के मुहाने पर खड़े हैं और आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। नीचे दी गई टेबल में प्रमुख बदलावों को समझा जा सकता है:

बदलाव का विषय ताज़ा अपडेट
नया समुद्री रास्ता जहाजों को अब केप ऑफ गुड होप के रास्ते भेजा जा रहा है
बीमा के नियम खाड़ी क्षेत्र के लिए युद्ध जोखिम बीमा कवर खत्म किया गया
तेल की कीमतें विशेषज्ञों के अनुसार कीमतें 120-130 डॉलर तक जा सकती हैं
सरकारी सलाह US Navy और UKMTO ने जहाजों को इस इलाके से बचने को कहा है

Maersk ने साफ किया है कि उनके चालक दल और जहाजों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक होर्मुज और स्वेज के रास्ते जहाजों की आवाजाही बंद रहेगी। इस फैसले से कुवैत, सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे देशों की अर्थव्यवस्था पर भी सीधा असर पड़ने की उम्मीद है क्योंकि उनका व्यापार इन्ही समुद्री रास्तों पर टिका है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.