पश्चिम एशिया में चल रही जंग की वजह से पूरी दुनिया में तेल और गैस की किल्लत बढ़ गई है. इस संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन का सही इस्तेमाल करने की अपील की है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस बात को दोहराया है और लोगों को सचेत किया है कि अगर हम अब सावधान नहीं हुए तो हमें भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है.
PM मोदी ने ईंधन बचाने के लिए क्या सुझाव दिए हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई 2026 को सिकंदराबाद में नागरिकों से एक राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने की अपील की. उन्होंने बताया कि भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल बाहर से मंगवाता है. उन्होंने आम जनता के लिए कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं:
- पेट्रोल और डीजल: इनका इस्तेमाल कम करें और मेट्रो, कार-पूलिंग या ट्रेन का ज्यादा उपयोग करें.
- इलेक्ट्रिक गाड़ियां: पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें.
- ऑफिस वर्क: जहां मुमकिन हो वहां वर्क-फ्रॉम-होम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा दें.
- अन्य बचत: विदेशी मुद्रा बचाने के लिए खाद्य तेल का कम इस्तेमाल करें और एक साल के लिए सोना खरीदने का विचार टालें.
- खेती: किसानों को रासायनिक खाद कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी गई है.
CM फडणवीस ने तेल संकट पर क्या चेतावनी दी है?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री की अपील को सबसे सटीक बताया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण तेल और गैस की सप्लाई में कमी आई है जिससे दुनिया भर में कीमतें बढ़ी हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 450 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है.
फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की सप्लाई अभी प्रभावित नहीं हुई है और हमें तेल-गैस मिल रहा है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोग ईंधन का दुरुपयोग करना बंद नहीं करेंगे तो भारत को भी किल्लत का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने पेट्रोल की कमी को लेकर फैली अफवाहों को गलत बताया और कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है.
महाराष्ट्र सरकार तेल और प्रदूषण कम करने के लिए क्या कर रही है?
ईंधन पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण को बचाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने कुछ ठोस कदम उठाए हैं:
- CBG पॉलिसी 2026: राज्य कैबिनेट ने Compressed Biogas पॉलिसी को मंजूरी दी है. इसके तहत हर जिले में कचरे और कृषि अवशेषों से ईंधन बनाने के प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
- PUC नियम: परिवहन मंत्री प्रताप सार्नाईक ने बताया कि सरकार एक ऐसा सिस्टम बना रही है जिससे पेट्रोल पंप सीधे डेटाबेस से जुड़ेंगे. अब जिन गाड़ियों के पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें तेल नहीं मिलेगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीजल की कमी हो गई है?
नहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सरकार स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है, इसलिए पैनिक होकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है.
PM मोदी ने सोना न खरीदने की अपील क्यों की है?
इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी मुद्रा यानी foreign exchange को बचाना है, ताकि वैश्विक संकट के समय देश की आर्थिक स्थिति मजबूत रहे और जरूरी चीजों का आयात प्रभावित न हो.
