सऊदी अरब के पासपोर्ट निदेशालय ने हज 1447 AH के लिए इलेक्ट्रॉनिक मक्का एंट्री परमिट की सुविधा शुरू कर दी है। अब मक्का शहर में दाखिल होने के लिए यह परमिट होना अनिवार्य होगा। यह नियम 13 अप्रैल 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा, जिसका सीधा असर वहां रहने वाले प्रवासियों और कामगारों पर पड़ेगा।

परमिट कैसे मिलेगा और कौन से प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें?

प्रवासी और कर्मचारी अब पासपोर्ट ऑफिस के चक्कर काटने के बजाय ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए Absher और Muqeem पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। घरेलू कामगार, उनके परिवार और प्रीमियम रेजिडेंसी वाले लोग Absher का उपयोग करेंगे, जबकि मक्का की कंपनियों में काम करने वाले लोग Muqeem पोर्टल से आवेदन कर सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया Tasreeh प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई है ताकि परमिट आसानी से जारी हो सकें।

नियम न मानने पर क्या होगी सजा?

सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना वैध परमिट, मक्का रेजिडेंसी आईडी या वर्क परमिट के शहर में घुसना मना है। अगर कोई बिना परमिट के हज करने या मक्का जाने की कोशिश करेगा, तो उसे भारी जुर्माना भरना होगा। इसमें 20,000 रियाल तक का जुर्माना, देश से निर्वासन और 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा आने पर पाबंदी जैसी कड़ी कार्रवाई शामिल है।

हज परमिट और वीज़ा से जुड़ी जरूरी बातें

हज के लिए आधिकारिक परमिट सिर्फ Nusuk प्लेटफॉर्म के जरिए ही हासिल किया जा सकता है। यह बात समझना बहुत जरूरी है कि उमराह, विजिट या टूरिस्ट वीज़ा होने का मतलब यह नहीं है कि आप हज कर सकते हैं। हज के अनुष्ठान करने के लिए केवल आधिकारिक हज परमिट ही मान्य होगा।

विवरण जानकारी
घोषणा की तारीख 12 अप्रैल 2026
नियम लागू होने की तारीख 13 अप्रैल 2026
एंट्री परमिट प्लेटफॉर्म Absher और Muqeem
हज परमिट प्लेटफॉर्म Nusuk
अधिकतम जुर्माना 20,000 सऊदी रियाल
पुनः प्रवेश प्रतिबंध 10 साल
डिजिटल इंटीग्रेशन Tasreeh प्लेटफॉर्म
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.