मक्का में पवित्र काबा को नए किसवा यानी कवर से सजाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नए इस्लामी साल के मौके पर मंगलवार सुबह इसे लगाया जाएगा। सऊदी अरब की एक खास टीम इस काम में जुटी है और पूरी प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से पूरा किया जा रहा है।
🚨: Lebanon Drone Attack: इसराइल ने पत्रकार को बनाया निशाना, ‘Press’ जैकेट पहनने के बावजूद हुआ हमला।
बदलने की प्रक्रिया और तैयारी
सोमवार रात से ही इस काम की शुरुआत कर दी गई। सबसे पहले पुराने किसवा से सोने के धागों वाली सजावट, लैंप और अन्य सजावटी सामान हटाए गए। इसके साथ ही काबा के दरवाजे के पर्दे को नीचे उतारा गया। अब नए किसवा को किंग अब्दुलअज़ीज़ कॉम्प्लेक्स से मस्जिद अल-हराम लाया जा रहा है। एक अनुभवी सऊदी टीम इस पूरे काम की देखरेख कर रही है जिसमें पुराने कवर को हटाकर नया कवर लगाना शामिल है।
किसवा बनाने में इस्तेमाल हुआ कीमती सामान
इस पवित्र कवर को बनाने में बहुत ही उच्च गुणवत्ता वाले सामान का उपयोग किया गया है। इसमें इस्तेमाल हुई सामग्री की जानकारी नीचे दी गई है:
- प्राकृतिक रेशम: 825 किलोग्राम
- काला रेशम: 47 रोल (बाहरी कवर के लिए)
- कच्चा कपास: 400 किलोग्राम (अंदरूनी अस्तर के लिए)
- शुद्ध चांदी: 60 किलोग्राम (कढ़ाई के लिए)
- सोने की परत वाली चांदी: 120 किलोग्राम (कुरान की आयतों और सजावट के लिए)
इन सभी सामग्रियों की लैब में कड़ी जांच की गई ताकि ये अलग-अलग मौसम में खराब न हों। कुरान की आयतों और इस्लामी डिजाइनों को बहुत बारीकी से सोने और चांदी के धागों से कढ़ा गया है।
निर्माण के सात चरण और देखरेख
किसवा को तैयार करने के लिए सात चरणों वाली एक पूरी प्रणाली अपनाई जाती है। इसमें रंगाई, मशीन से बुनाई, लैब टेस्टिंग, प्रिंटिंग, कढ़ाई, हाथ से बुनाई और फिर अंतिम असेंबली शामिल है। इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी General Authority for the Care of the Affairs of the Grand Mosque and the Prophet’s Mosque और किंग अब्दुलअज़ीज़ कॉम्प्लेक्स की है।
बता दें कि मक्का के डिप्टी अमीर प्रिंस सऊद बिन मिशाल ने 29 मई 2026 को यह नया किसवा काबा के गेटकीपर अब्दुल मलिक बिन तहा अल-शैबी को सौंपा था। सऊदी अरब पिछले एक सौ साल से हर साल काबा के कवर को बदलने की इस परंपरा को निभा रहा है।